Kanpur Dehat में मां-बेटी की मौत का मामला, DM ऑफिस के बाहर अफसरों ने पीड़ित के उतरवाए थे कपडे़, देखें- Video
कानपुर देहात में डीएम ऑफिस के बाहर अफसरों ने पीड़ित के कपड़े उतरवाए थे।
कानपुर देहात में 14 जनवरी को कलेक्ट्रेट पहुंची पीड़ित के डीएम ऑफिस के बाहर अफसरों ने कपड़े उतरवाए थे। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।
कानपुर देहात, अमृत विचार। मड़ौली कांड में एक के बाद एक तथ्य उजागर हो रहे हैं। पूर्व में कब्जा हटाने पर पीड़ित परिवार 14 जनवरी को डीएम कार्यालय आया था। जहां पर एडीएम प्रशासन व हत्यारोपी निलंबित एसडीएम ने पुलिस व परिवार के सामने शिवम दीक्षित के ठंड के मौसम में कपड़े उतरवा कर बैठाया था। सोमवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हालाकि अमृत विचार इसकी पुष्टि नहीं करता है।
कानपुर देहात : माँ-बेटी की मौत मामले में एक और वीडियो वायरल। डीएम ऑफिस में भीषण ठंड में एडीएम और एसडीएम के सामने मृतका के बेटे शिवम को कपड़े उतरवाकर जीप में बैठाया जा रहा था।@Uppolice @adgzonekanpur @igrangekanpur @DMKanpurDehat @kanpurdehatpol @AmritVichar pic.twitter.com/jCCNd3IU8u
— Amrit Vichar (@AmritVichar) February 20, 2023
मैथा तहसील क्षेत्र के मड़ौली में ग्राम समाज की जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में बीती 14 जनवरी को एसडीएम के निर्देश पर तहसील प्रशासन ने मृतका प्रमिला दीक्षित का घर गिरवा दिया था। ठंड के मौसम में रहने की जगह न होने पर परिवार के लोग लोडर में रसोई गैस सिलेंडर, गृहस्थी का सामान व मवेशियों को लेकर कलक्ट्रेट में रहने के लिए आए थे।
जानकारी पर एडीएम प्रशासन केशवनाथ गुप्त, तत्कालीन निलंबित एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद समेत प्रशासन व पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे थे। उस दौरान पीड़ित परिवार ने जमीन पर वर्षों पुराना कब्जा होने के बावजूद उन्हें जबरन हटाने की शिकायत की थी, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। बल्कि सोमवार को वायरल हुए वीडियो में पीड़ित शिवम दीक्षित को एडीएम प्रशासन व हत्यारोपी कपड़े उतरवा कर बैठाने की बात कहते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं। जिसके बाद शिवम दीक्षित ठंड के मौसम में कपड़े उतार कर अर्द्धनग्न अवस्था में दिखाई दे रहा है।
वहीं मौजूद अफसर व पुलिस कर्मी कोट, जैकेट समेत अन्य गर्म कपड़ों से लैस होते हैं। इसी दौरान एक अधिकारी कहता है कि कपड़े उतर वाकर इसे बैठाओे। करीब नौ सेकेंड के वायरल वीडियो के दौरान मानवीयता तार-तार होते दिखाई देती है। वहीं मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में अधिकारियों की संवेदनहीनता को लेकर तरह-तरह के कमेंट किए।
