बरेली: बुजुर्ग मरीजों को बेहतर इलाज देने का ख्वाब ताले में कैद
बरेली, अमृत विचार। बुजुर्ग मरीजों को बेहतर इलाज मिले, उन्हें कोई परेशानी न हो, इस सोच के साथ जिला अस्पताल में उनके लिए स्पेशल एल्डर्ली वार्ड बनाया गया। वार्ड में उनके लिए सभी जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गईं, मगर बुजुर्ग मरीजों को आज तक इसका लाभ नहीं मिल पाया। दरअसल, जब वार्ड बना, उसी वक्त कोविड ने दस्तक दे दी। इसे कोविड आइसोलेशन वार्ड बना दिया गया। जब कोरोना का प्रकोप कम हुआ तो वार्ड में ताला डाल दिया गया। बुजुर्ग मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के दावे अब ताले में बंद हैं। वहीं, वार्ड के बाहर कोरोना जांच के लिए लैब स्थापित कर दी गई है।
शासन ने वर्ष 2018 में बुजुर्ग और बेसहारा लोगों के लिए जिला अस्पताल में दस बेड का एक स्पेशल वार्ड बनाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए 45 लाख का बजट भी जारी किया था। इस वार्ड में बुजुर्गों के लिए मनोरंजन से लेकर खाना-पान की सारी सुविधाएं दी जानी थीं। इस वार्ड को प्राइवेट के तौर पर रखा जाना था, जिसमें शौचालय भी अटैच हो। वार्ड में भर्ती मरीजों की देखभाल के लिए दो स्टाफ नर्स, दो वार्ड ब्वॉय और डॉक्टर की अलग टीम तैनात की जानी थी। इस वार्ड के पास ही डॉक्टरों की एक विशेष टीम को भी लगाया जाना था, जो सिर्फ बुजुर्गों का इलाज करती, मगर अफसोस, ये सुविधाएं बुजुर्ग मरीजों को नसीब नहीं हो सकीं।
कोविड की दस्तक के बाद वार्ड को आइसोलेशन वार्ड बनाया गया था। हालांकि अन्य वार्डों में भी बुजुर्गों को बेहतर सुविधाएं दी जा रही हैं। जल्द ही वार्ड की साफ-सफाई कर यहां बुजुर्गों को भर्ती करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाएगी।-डॉ. अलका शर्मा, एडीएसआईसी, जिला अस्पताल
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