SP MLA Irfan Solanki मुकदमे की फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई, 24 फरवरी से ट्रायल होगा शुरू

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Edited By Amrit Vichar
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कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी मुकदमे की फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई होगी।

कानपुर में सपा विधायक इरफान सोलंकी मुकदमे की फास्ट ट्रैक कोर्ट से सुनवाई होगी। जिसका 24 फरवरी से ट्रायल शुरू होगा। पुलिस का पैनल मामले में पैरवी करने के लिए बना दिया गया।

कानपुर, अमृत विचार। सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी पर प्रशासन का शिकंजा कसता ही जा रहा है। महिला का घर फूंकने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में 24 फरवरी से इरफान के खिलाफ कोर्ट में ट्रायल शुरू हो जाएगा। पुलिस अफसरों का मानना है कि चार बार के सपा विधायक इरफान सोलंकी को छह महीने में इस मामले में वह सजा करा देंगे। अगर सजा हुई तो उनकी विधानसभा की सदस्यता जाना लगभग तय है। इरफान के खिलाफ आजीवन कारावास सजा तक की धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।

संयुक्त पुलिस आयुक्त आनंद प्रकाश तिवारी ने बताया कि जाजमऊ थानाक्षेत्र के डिफेंस कॉलोनी निवासी नजीर फातिमा का 6 नवंबर वर्ष 2022 को प्लॉट में बने अस्थाई मकान में आग लग गई थी। नजीर फातिमा ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी समेत अन्य के खिलाफ घर फूंकने का आरोप लगाते हुए जाजमऊ थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच कर रही पुलिस ने सपा विधायक और उनके भाई के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

इसके साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मामले की सुनवाई के लिए शासन में अपील की थी। जेसीपी ने बताया कि शासन और जिला जज के पास से मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की सहमति मिल गई थी। अब मामले में की सुनवाई 24 फरवरी से शुरू हो जाएगी। आरोपी इरफान और उनके भाई रिजवान समेत अन्य आरोपियों को सजा तक पहुंचाने के लिए पुलिस की पूरी टीम काम कर रही है। मामले में सभी साक्ष्य और गवाहों को समय से पूरी कराने के लिए कमर कस ली है।

इससे कि समय रहते मामले में आरोपी विधायक, उनके भाई समेत अन्य को सजा मिल सके। उनके अनुसार मामले में छह महीने के भीतर फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल पूरा कराने का प्रयास किया जाएगा। पुलिस का पैनल मामले में पैरवी करने के लिए बना दिया गया है। इससे कि समय रहते सभी गवाही और साक्ष्य कोर्ट के सामने रखे जा सकें। छह महीने में अगर ट्रायल पूरा हुआ तो इरफान को तीन साल से ज्यादा की सजा होना तय माना जा रहा है। इससे एक बात तो तय है कि अगर उन्हें दो साल से ज्यादा की सजा हुई तो उनकी विधानसभा सदस्यता खत्म कर दी जाएगी।

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