Kanpur News : आधार कार्ड में मोबाइल लिंक्ड नहीं तो आवेदन खारिज, फैमिली आईडी के लिए बढ़ी जागरूकता
कानपुर में फैमिली आईडी के लिए जागरूकता बढ़ी।
कानपुर में फैमिली आईडी के लिए जागरूकता बढ़ी। इसमें दो सौ से ज्यादा ने अप्लाई किया। एसडीएम सहित अन्य अधिकारियों को वर्चुअली प्रशिक्षण दिया गया।
कानपुर, अमृत विचार। आधार कार्ड से मोबाइल नंबर नहीं जोड़ा (लिंक्ड) गया है तो फिर आपका आवेदन खारिज कर दिया जाएगा। फैमिली आईडी बनाने के लिए आवेदन करने वालों को इस बात का जरूरी ध्यान रखना होगा। साथ ही शादी होने के बाद महिला के मायके का दर्ज पता का कोई समस्या नहीं बनेगा, सिर्फ उन्हें अपने नए यानि ससुराल के पते (जहां भी वर्तमान में वह रह रही हैं) को भरना अनिवार्य होगा।
फैमिली आईडी को लेकर मंगलवार को वर्चुअली वर्कशॉप में ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर संदीप यादव ने प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों को यह जानकारी दी। दो दिवसीय कार्यशाला में पहले दिन प्रशिक्षण में चारों तहसीलों के एसडीएम, दस खंड विकास अधिकारी के साथ ही लेखपाल, वीडीओ और ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान फैमिली आईडी पोर्टल (familyid.up.gov.in) के बारे में बताया। उसके लॉगिन, सर्वे से जुड़ी बारीकियां और किन-किन सुविधाओं सहित खास बातों का ध्यान रखा गया है, इसके बारे में जानकारी दी गई।
उन्हें बताया गया कि शहरियों के आवेदन एसडीएम और ग्रामीणों के खंड विकास अधिकारी को लॉगिन होंगे। गांव में सर्वे करने ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम सचिव जाएंगे, जबकि शहर में लेखपाल सर्वे रिपोर्ट तैयार करेंगे। आधार कार्ड नंबर दर्ज होना जरूरी है। यदि कोई दूसरे जिले में रह रहा है तो उसका वहीं का पता (अस्थाई) दर्ज किया जाना आवश्यक होगा। राशनकार्ड धारकों के लिए यह यह आईडी नहीं है, उनका वह कार्ड ही फैमिली आईडी है। जन सुविधा केंद्र में 30 रुपये और स्वयं ऑनलाइन आवेदन मुफ्त में की जा सकती है।
दो सौ से ज्यादा ने किया आवेदन
सरकार भले ही फैमिली आईडी पोर्टल को लेकर अधिकारियों के प्रशिक्षित होने का इंतजार कर रही हो, लेकिन लोगों में जागरूकता दिखने लगी है। पोर्टल अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है कि 200 से ज्यादा आवेदन इस पोर्टल पर पहुंच गए हैं। प्रशिक्षण के बाद आए इन आवेदनों को लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
जानें आईडी से लाभ
- सरकार को डेटा आसानी से मिलेगा
- फर्जीवाड़ा रोकने के लिए आईडी मददगार
- वंचितों को योजनाओं का लाभ मिलेगा
- अपात्रों को बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा
- योजना बनाने से पहले पात्रों की जानकारी रहेगी
- जानकारी उपलब्ध होने से कई सर्वे का समय बचेगा
