फर्रुखाबाद : 31 साल पुराने अपहरण के मुकदमे में चार को दस साल की कैद

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1 लाख 72 हजार रुपये का लगा जुर्माना

अमृत विचार, फर्रुखाबाद। विशेष अदालत एंटी डकैती के न्यायाधीश कृष्ण कुमार ने 31 साल पुराने फिरौती के लिए अपहरण करने के मुकदमें में चार अभियुक्तों को दोषी पाकर दस-दस साल की सजा सुनाई है। तीन लोगों पर 45500-45500 रुपये और एक पर 35500 रुपये जुर्माना लगाया है। जुर्माना राशि वसूल होने पर आधी धनराशि अपहृत सुभाष चंद्र को बतौर क्षतिपूर्ति दिए जाने का आदेश दिया है। 

कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के गांव अताईपुर निवासी छोटेलाल का 20 वर्षीय पुत्र डब्बू उर्फ सुभाष चंद्र 9 अक्तूबर 1991 को बरात देखने गांव के चार युवकों के साथ कसबा में गया था। बरात देखकर रात करीब एक बजे वह घर लौट रहा था। गांव कटरा के पास बाग में बैठे बदमाशों ने सभी युवकों को रोक लिया। सभी के नाम पूछने के बाद डब्बू उर्फ सुभाष चंद्र को पकड़ लिया और अपने साथ ले गए। जाते समय अन्य चार युवकों को बदमाश वहीं बाग में बैठा गए और कहा कि अगर यहां से उठे तो गोली मार देंगे। डर के कारण चारों युवक कुछ देर तक बाग में बैठे रहे। जब बदमाश नहीं दिखाई दिए तो वह भाग कर गांव आए और बच्चे के अपहरण की जानकारी दी। पिता की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की।

कायमगंज के गांव गउटोला निवासी अय्याज मोहम्मद को पुलिस ने पकड़ लिया। उसकी निशानदेही पर उसी के घर से पकड़ बरामद की। पूछताछ के बाद कंपिल थाना क्षेत्र के गांव गंगपुर निवासी साधू, गांव बौरा निवासी इंद्रपाल, गांव गउटोला निवासी फैय्याज और नगला कोठी निवासी सर्वेश के नाम प्रकाश में आए। पुलिस ने जांच के बाद साधू, फैय्याज, अय्याज मोहम्मद, इंद्रपाल व सर्वेश के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। मुकदमा विचारण के दौरान सर्वेश की मौत हो गई। अन्य चार के खिलाफ मुकदमा चला। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता केके पांडेय ने दलीले पेश की। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायाधीश ने फैय्याज मोहम्मद, इंद्रपाल, अय्याज मोहम्मद व साधू को अपहरण और फिरौती मांगने के जुर्म में दोषी पाकर सजा और जुर्माने से दंडित किया है।

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