अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में 'आर्थिक अपराधों' को छिपा नहीं सकता बीबीसी: BJP

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की आड़ में बीबीसी या कोई अन्य संगठन अपने ''आर्थिक अपराधों'' को नहीं छिपा सकता। भाजपा के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि ब्रिटिश प्रसारक कथित कर अपवंचना के मामले में आयकर विभाग की जांच के दायरे में है और यह गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि बीबीसी को देश में काम करने के लिए भारतीय कानूनों का पालन करना होगा। 

ज्ञात हो कि आयकर विभाग ने कथित कर अपवंचना की जांच के तहत दिल्ली और मुंबई में बीबीसी के कार्यालयों तथा दो अन्य संबंधित स्थानों पर सर्वे अभियान चलाया था। ब्रिटिश सरकार द्वारा बीबीसी और इसकी संपादकीय स्वतंत्रता का पुरजोर बचाव करने के बाद भाजपा की यह प्रतिक्रिया आई है। बीबीसी ने कहा है कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है और उम्मीद करता है कि स्थिति जल्द से जल्द सुलझ जाएगी। मालवीय ने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय प्रसारक का अतीत उतार-चढ़ाव भरा रहा है। उन्होंने प्रसारक पर भारत समेत अन्य लोकतंत्रों के आंतरिक मामलों में दखल देने की कोशिश करने का आरोप लगाया। 

उन्होंने कहा कि इसने एक बार चेचन्या में रूसी टैंकों को कश्मीर में भारतीय टैंकों के रूप में दिखाया था जो "उसके दुष्प्रचार के अनुरूप" था। मालवीय ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के लिए यहां एक मजबूत न्यायिक प्रणाली है। आयकर विभाग ने सर्वेक्षण के बाद एक बयान में कहा था कि संगठन की इकाइयों द्वारा बताई गई आय और लाभ "भारत में संचालन के पैमाने के अनुरूप नहीं हैं। विदेश, राष्ट्रमंडल एवं विकास कार्यालय (एफसीडीओ) के एक कनिष्ठ मंत्री ने मंगलवार को लंदन में हाउस ऑफ कॉमन्स में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि सरकार चल रही जांच को लेकर आयकर विभाग द्वारा लगाए गए आरोपों पर टिप्पणी नहीं कर सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि मीडिया की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता मजबूत लोकतंत्रों के आवश्यक तत्व हैं। 

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