UP Budget 2023: सात आश्रम पद्धति विद्यालयों को 'हरी झंडी', 50 करोड़ की पहली किस्त जारी
बागपत, शामली, मुजफ्फर नगर, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, कन्नौज व मऊ में होगा निर्माण
अमृत विचार, लखनऊ। प्रदेश के सात जनपदों में लंबित संत रविदास योजना के आश्रम पद्धति विद्यालयों के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। प्रदेश सरकार ने 2023-24 के बजट में समाज कल्याण विभाग को 50 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है। जो बागपत, शामली, मुजफ्फर नगर, गौतमबुद्ध नगर, शाहजहांपुर, कन्नौज व मऊ में विद्यालयों का निर्माण कराएगा। इन जिलों में विद्यालय की आवश्यकता को देखते हुए पूर्व में चयन किया गया था। लेकिन, बजट न मिलने के कारण निर्माण शुरू तक नहीं हो पाया था। राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने इन विद्यालयों के निर्माण पर जोर देकर विशेष मद की मांग थी।
पांच एकड़ में एक मॉडल पर बनेंगे विद्यालय
समाज कल्याण विभाग के यह विद्यालय अभी 57 जिलों में संचालित हैं। इसी तरह सात विद्यालय एक मॉडल पर पांच-पांच एकड़ में बनाए जाएंगे। जहां कक्षा 6 से 12 तक के हर वर्ग को पढ़ाई के साथ आवासीय सुविधा मिलेगी। सातों जनपदों में पूर्व में भी भूमि चिह्नित कर ली गई थी। जहां, आने वाले वित्तीय वर्ष में निर्माण शुरू हो जाएगा। पांच साल में विद्यालय तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। जिसका इस्टीमेट बनाया जाएगा।
ये है प्रवेश का मानक
कुल : 490 छात्र-छात्राएं
अनुसूचित जाति : 60 प्रतिशत
ओबीसी : 25 प्रतिशत
सामान्य : 15 प्रतिशत
बोले जिम्मेदार
बजट में पहली किस्त जारी की गई है। इस्टीमेट व अन्य प्रक्रिया की जाएंगी। अप्रैल के आसपास निर्माण शुरू हो जाएगा। निर्माण के लिए समय-समय पर बजट मिलेगा। इन विद्यालयों से छात्र-छात्राओं को लाभ मिलेगा।
पीके त्रिपाठी, संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय उप्र।
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