मुरादाबाद : शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता में बनाया जाएगा दक्ष, मार्च माह में स्कूलों में यह होंगी गतिविधियां
निपुण भारत मिशन के संकल्प को पूरा करने में शिक्षकों को निभानी है अहम जिम्मेदारी
मुरादाबाद, अमृत विचार। बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के लिए अब शिक्षकों को बुनियादी शिक्षा एवं संख्या ज्ञान में दक्ष बनाया जाएगा। जिससे शिक्षक कक्षा चार व पांच के विद्यार्थियों को निपुण बनाकर उनके बेहतर भविष्य सृजन की राह सुनिश्चित कर सकें।
निपुण भारत मिशन अभियान को साकार करने के लिए महानिदेशक स्कूल शिक्षा ने गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों और विद्यार्थियों के मध्य आत्मीय संबंध विकसित करने के लिए आदेश दिया है। इसमें छात्र-छात्राओं को आसपास के ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण कराकर उनकी बौद्धिक क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। वहीं शिक्षकों को बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान में दक्ष बनाने के लिए भी कदम बढ़ाया गया है।
नगर क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा। क्योंकि इन स्कूलों में शैक्षणिक गुणवत्ता भी औसत से कम पाई गई है। इसको देखते हुए प्रशिक्षण में उन्हें कक्षा चार पांच के विद्यार्थियों को बुनियादी शिक्षा और संख्या ज्ञान में दक्ष करने की जानकारी दी जाएगी।
महानिदेशक स्कूल शिक्षा विजय किरन आनंद ने रोस्टर के अनुसार मार्च में गतिविधियां कराने का आदेश दिया है। प्रथम चरण में शिक्षक संकुलों की बैठक में गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रस्तुतीकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में सहयोगात्मक पर्यवेक्षण में एसआरजी, एआरपी, डायट मेंटर हर सप्ताह विद्यालय के पर्यवेक्षण के दौरान शिक्षण कार्य कराने के लिए प्रोत्साहित करेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बुद्ध प्रिय सिंह का कहना है कि छात्र-छात्राओं को नये सत्र में बेहतर शिक्षा के लिए इस समय शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। नगर क्षेत्र में सोमवार से प्रशिक्षण शुरू होगा। अन्य विकास खंडों में खंड शिक्षाधिकारियों की निगरानी में ब्लॉक संसाधन केंद्रों पर प्रशिक्षित किया जाएगा।
मार्च माह में स्कूलों में यह होंगी गतिविधियां
- प्रथम सप्ताह में परिस्थिति आधारित गतिविधि होगी। बच्चों को एक स्थिति प्रदान कर उनकी समस्याओं के रचनात्मक समाधान की पहल होगी। सवाल पूछकर उसका जवाब लिया जाएगा। इसमें आसपास के वातावरण की स्वच्छता आदि शामिल रहेगी।
- दूसरे सप्ताह में आउटडोर लर्निंग गतिविधि में कक्षा के बाहर गोला बनाकर छात्रों को पाठ का अभ्यास कराया जाएगा। कहानी, कविता जैसे रिंगा-रिंगा रोसेज कविता पर बच्चे प्रदर्शन करेंगे।
- तीसरे सप्ताह में सक्रिय गतिविधि पर छात्र पांच से छह शब्द का प्रयोग कर कविता व कहानी लिखेंगे।
- चौथे और आखिरी सप्ताह में बोलने और प्रस्तुतीकरण पर फोकस रहेगा। वाद विवाद प्रतियोगिता के अलावा टीवी और मोबाइल का प्रयोग और उसके गुण दोष पर चर्चा होगी।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : अब निजी हाथों में जाएगा एमडीए के ईको हर्बल पार्क का रखरखाव
