बरेली: पुलिस के चक्कर में फंसने से बच गए विधायक, दोनों पक्षों में हुआ समझौता

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Edited By Amrit Vichar
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अताउर रहमान समेत चार के खिलाफ रविवार रात दर्ज कराई गई थी जानलेवा हमले की रिपोर्ट

बरेली, अमृत विचार। बहेड़ी के सपा विधायक अताउर रहमान पुलिस के चक्कर में फंसने से बाल-बाल बच गए। रविवार रात उनके साथ चार लोगों के खिलाफ एक युवक को उनके कार्यालय में बंधक बनाने, मारपीट करने और जानलेवा हमले के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी लेकिन सोमवार को ही दोनों पक्षों में समझौता हो गया जिसे हलफनामे के साथ एसएसपी कार्यालय में दे दिया गया। माना जा रहा है कि अब जांच के दौरान पुलिस इस केस को एक्सपंज कर सकती है।

बहेड़ी के गांव सिंगौथी में रहने वाले अनीस अहमद का गांव के ही लोगों से रास्ते को लेकर विवाद था। रविवार शाम अनीस ने थाना बहेड़ी में तहरीर दी थी कि गांव में रहने वाला रफीक अहमद कई लोगों के साथ शनिवार को तमंचा लेकर उनके घर में घुस गया था। उसने पहले उनके साथ मारपीट की और उनकी पत्नी और बच्चे उन्हें बचाने आए तो उन्हें भी पीटा। मारपीट के दौरान गांव के लोग इकट्ठे हुए तो आरोपी भाग गए थे। अनीस का आरोप था कि इस घटना के बाद रविवार को सपा विधायक अताउर रहमान ने उन्हें समझौता करने के लिए अपने कार्यालय आने का बुलावा भेजा था।

अनीस के मुताबिक वह खुद तो गए नहीं, उन्होंने अपने साले आसिम खां को विधायक के कार्यालय भेज दिया था जहां विधायक की मौजूदगी में उनके कार्यालय पर रफीक पक्ष के लोगों ने आसिम को कई घंटे तक बंधक बनाए रखा और उसके साथ जमकर मारपीट की। विधायक अताउर रहमान ने भी उसके साथ मारपीट की। विधायक के कार्यालय पर उनके साले पर चाकू से भी हमला किया गया। साले को विधायक के कार्यालय में बंधक बनाए जाने की जानकारी मिलने पर वह खुद पहुंचे तो उनके साथ भी मारपीट की गई।

अनीस की शिकायत पर बहेड़ी पुलिस ने विधायक समेत चार लोगों के खिलाफ बंधक बनाने और जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी लेकिन सोमवार को ही अनीस अहमद और रफीक अहमद की ओर से एसएसपी कार्यालय पहुंचकर हलफनामे के साथ समझौतानामा दे दिया।

विधायक के समर्थक हैं दोनों पक्ष इसलिए बन गई बात
जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज कराने वाले अनीस और हमले का आरोपी रफीक दोनों ही विधायक अताउर रहमान के समर्थक हैं। विधायक के मुताबिक दोनों भाई भी हैं इसीलिए उन्होंने उन्हें समझौता कराने के लिए अपने कार्यालय बुलाया था लेकिन वहां मारपीट हुई तो दोनों पक्षों को निकाल दिया। विधायक कार्यालय में अपने साले के साथ मारपीट होने से अपमानित महसूस कर रहे अनीस ने कुछ ही देर बाद पुलिस को तहरीर दे दी। पुलिस ने आननफानन रिपोर्ट भी दर्ज कर ली लेकिन इसके बाद अनीस पर दबाव पड़ा तो वह रात में ही समझौते के लिए तैयार हो गया। रविवार रात ही थाना बहेड़ी में समझौतानामा दाखिल किया गया। सुबह होते ही दोनों पक्ष हलफनामा लेकर एसएसपी कार्यालय पहुंच गए।

इस प्रकरण में दोनों पक्षों ने समझौता करने के लिए शपथ पत्र दिए हैं। विवेचना में उन्हें शामिल कर दिया जाएगा। जांच के बाद मुकदमे के संबंध में विधिक कार्रवाई की जाएगी- अखिलेश कुमार चौरसिया एसएसपी।

बहेड़ी में रविवार की देर शाम सपा विधायक के कार्यालय पर विवाद के बाद पीड़ित ने विधायक अताउर रहमान समेत चार लोगों पर मारपीट और चाकू से हमले का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट लिखाई थी। सोमवार को पीड़ित और मुकदमे में नामजद कई लोग एसएसपी कार्यालय पहुंचे और शपथ देकर समझौता कराने की मांग की है।

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