वाजपेयी सरकार में मंत्री रहे सत्यव्रत मुखर्जी का 91 साल की उम्र में हुआ निधन

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Edited By Amrit Vichar
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कोलकाता। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री रहे सत्यव्रत मुखर्जी का 91-साल की उम्र में निधन हो गया है। वह भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल और बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने ट्वीट किया, जोलू बाबू के नाम से लोकप्रिय...सत्यव्रत मुखर्जी के निधन से दुखी हूं।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व केंद्रीय मंत्री और पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष सत्यव्रत मुखर्जी का शुक्रवार को निधन हो गया। 90 साल की आयु में उनकी मृत्यु हो गई है। उन्होंने शुक्रवार सुबह कोलकाता के बालीगंज स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली है। वह काफी समय से उम्र संबंधी कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे थे। उनके निधन की खबर सामने आते ही बंगाल भाजपा में शोक की लहर छा गई है।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुकांत मजूमदार, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष, नेता प्रतिपक्ष व भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी समेत अन्य पार्टी के नेताओं एवं विभिन्न दलों के नेताओं ने भी उनके निधन पर गहरा शोक जताया है। मुखर्जी एक समय बंगाल की राजनीति में जाना-माना नाम थे। खासकर पश्चिम बंगाल में भाजपा के प्रमुख चेहरे के रूप में एक दौर में उनकी गिनती होती थी।

बंगाल भाजपा के भीतर 'जोलू बाबू' के नाम से जाने वाले मुखर्जी 1999 में पार्टी के टिकट पर कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से ऐसे समय में सांसद चुने गए थे। जब राज्य में भाजपा का कोई जनाधार नहीं था। हालांकि उस वक्त भाजपा यहां तृणमूल (टीएमसी) पार्टी के साथ गठबंधन में थी। सांसद चुने जाने के बाद 1999 में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में उन्हें राज्यमंत्री बनाया गया था। वे वाजपेयी के करीबी नेताओं में माने जाते थे।

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