Kanpur News : होली से पहले आरएमएस सेवा हुई ठप, चिट्ठी,पार्सल सबका उठान रुका, संविदाकर्मियों ने की हड़ताल
कानपुर में तनख्वाह नहीं मिलने पर संविदाकर्मियों ने हड़ताल की।
कानपुर में तनख्वाह नहीं मिलने पर संविदाकर्मियों ने हड़ताल की। आरएमएस सेवा ठप होने से चिट्ठी, पार्सल सबाक उठान रुका।
कानपुर, अमृत विचार। होली से ठीक पहले आरएमएस (रेलमेल सेवा) में कार्यरत संविदाकमियों ने काम ठप कर दिया। चार माह से तनख्वाह ना मिलने से सभी काम बंद कर हड़ताल पर चले गए हैं। इससे शहर ही नहीं कई जिलों की चिट्ठी,पार्सल सब पड़े हुए हैं। वहीं सैकड़ों बोरे सेंट्रल और बड़ा चौराहा में डंप हो गए हैं।
आरएमएस से ही ट्रेनों से दूसरे शहरों और दूसरे शहरों से यहां पर सामान आता है। इसके बाद छांट कर उसको अलग-अलग डाकघरों को भेजा जाता है। इसका जिम्मा संविदाकर्मियों पर है,लेकिन पैसा ना मिलने से उन लोगों ने काम बंद कर दिया।
तीन शिफ्ट में होता है कार्य
संविदाकर्मियों ने बताया कि सेंट्रल और बड़ा चौराहा आरएमएस में आठ आठ घंटे की तीन और 12 घंटे की एक शिफ्ट चलती है। जिसमें 24 घंटे कार्य किया जाता है। जिसमें सेंट्रल और बड़ा चौराहा मिला कर 80 से अधिक संविदाकर्मी लगे हुए हैं। सेंट्रल स्थित आरएमएस आसपास के जिलों में सबसे बड़ा प्वाईंट है। यहां से बांदा,खुर्जा,हमीरपुर,घाटमपुर,फतेहपुर,उन्नाव,फरूर्खाबाद,एटा आदि दो दर्जन से अधिक जिलों में चिट्ठी आदि जातीं और यहां पर आतीं हैं।
समस्त संविदाकर्मियों ने हाथ खड़े किए
नंदकिशोर तिवारी,यतेंद्र कुकार,सैय्यद हामिद,विजय यादव,जीतेंद्र कुमार यादव,जयकरण प्रजापति,संदीप यादव,नागेंद्र सिंह,प्रखर कुमार,पीयुष,नवीन शुक्ला,मो शेखू,शुभम गौतम,कुलदीप समेत
समस्त कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर दिया है। उनका कहना है कि बीते चार माह से कार्य का पैसा नहीं दिया गया। शिकायत की तो अधिकारी हटाने की धमकी देते हैं।
समय पर नहीं पहुंच पाएंगे पार्सल
त्योहार से ठीक पहले कार्य बहिष्कार किए जाने से हजारों पार्सल धरे रह गए हैं। संविदाकर्मियों ने बताया कि इस दौरान सबसे ज्यादा पार्सल का लोड रहता है। उनका कहना है कि फरवरी के अंत से ही पार्सल आना शुरू हो गए थे। इस दौरान तो सबसे ज्यादा पार्सल की बुकिंग और डिलिवरी की जाती है।
डाकघरों और ट्रेनों का सामान डंप
संविदाकर्मियों का कहना है कि शहर और आसपास के जिलों में सैकड़ों डाकघरों से यहां पर सामान आता है। यहां की एक दर्जन (अप और डाउन) ट्रेनों से दूसरे शहरों को जाता है। वहीं इस ट्रेनों से यहां आकर विभिन्न जिलों के लिए सामान जाता है। कार्य बहिष्कार के चलते वह सब ठप होकर रह गया है।
