Mahoba News : शव को दफनाने गए लोगों पर मधुमक्खियों किया हमला, 50 लोग जख्मी

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Edited By Amrit Vichar
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महोबा में मधुमक्खियों ने 50 लोगों पर किया हमला।

महोबा में शव को दफनाने गए 50 लोगों पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। हमले से लोगों में भगदड़ मच गई। मधुमक्खियों के हमले से बुरी तरह जख्मी हुए लोगों को अस्पतालों में भर्ती कराया।

महोबा, अमृत विचार। कस्बा चरखारी के कब्रिस्तान में शव को दफनाने गए लोगों पर मखुमक्खियों ने हमला कर 50 लोगों को जख्मी कर दिया। मधुमक्खियों के हमले से लोगों में भगदड़ मच गई। लोग इधर उधर जान बचाके भागते दिखाई दिए। हमले में हुए जख्मी हुए कुछ लोगों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी पहुंचाया तथा शेष लोगों को प्राइवेट अस्पताल में उपचार के लिए भेजा गया। भारी संख्या में लोगों को जख्मी होने के कारण उनका हालचाल जानने के लिए लोगों का अस्पताल में आना जाना दिन भर लगा रहा।  
 
समाजवादी पार्टी के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष नियाज अहमद खां की पत्नी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। शव को कस्बे के मुख्य कब्रिस्तान में दफनाने के लिए करीब एक सैड़का लोग पहुंचे। कब्रगाह के पास एक पे डमें मधुमक्खी का छतता लगा हुआ था, जिस पर किसी की नजर नहीं गई। लोगों ने शव को कब्रगाह में दफनाने के बाद जैसे ही अगरबत्ती जलाई, अगरबत्ती के निकला धुआं पास के पेड़ में लगे मधुमक्खियों के छत्ते में जैसे ही धुआं पहुंचा, मधुमक्यिां हमलावर हो गई। जिससे लोग यहां वहां भागकर अपने आप को बचाने में जुट गए। 
 
मधुमक्यिों के हमले से बचने के लिए कुछ लोग जमीन पर लेट गए और मुंह में तौलिया ढक ली, कुछ लोगों ने आसपास के घरों में घुस कर अपने आपको बचाया, इसके बावजूद करीब 50 लोग मधुमक्खियों के हमले की चपेट में आ गए और बुरी तरह जख्मी हो गए। घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चरखारी ले जाया गया, लेकिन घायलों की संख्या ज्यादा होने के कारण डाक्टर और स्टाफ कम पड़ गया है, जिस कारण शेष घायालों को प्राईवेट अस्पतालों में पहुंचाया गया। मधुमक्यिों के हमले की खबर मिलते ही अस्पतालों में घायलों को देखने के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। 
 

थोड़ी सी चूक होने के कारण बुजुर्गों को आई दिक्कत 

शव को दफनाने गए सैकड़ों लोगों में से किसी की भी नजर मधुमक्यिों के छत्ते पर नहीं पड़ी, जिसके चलते यह घटना घट गई। यदि किसी ने पहले ही छत्ते को देख लिया होता तो अगरबत्ती को दूसरे स्थान पर जला दी जाती। थोड़ी सी चूक के कारण शव को दफनाए गए लोगों में से 50 लोगों को जख्मी होकर अस्पताल जाना पड़ा। इसमें सबसे ज्यादा बुजुर्ग लोग शामिल थे, जो मधुमक्यिों के हमले के बाद भी भाग नहीं सके। उन्हें मधुमक्यिों ने सबसे ज्यादा अपना शिकार बनाया। जबकि युवाओं और बच्चों ने तो भागकर अपने आपको बचा लिया। इससे पहले महोबा में भी एक कब्र के पास लगे मधुमक्यिों के छत्ते में अगरबत्ती का धुआं जाते ही मधुमक्यिां हमलावर हो गई थी, लेकिन वहां पर लोग सुरक्षित निकल आए थे।

 

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