Holi 2023: Etawah के इस गांव के लोग आज भी नहीं भूल पा रहे खून की होली, वर्ष 2006 में हुआ था ऐसा, जो बन गया यादगार
इटावा के लोग चौरेला के 16 मार्च की खूनी होली को नहीं भूल पा रहे।
इटावा के लोग चौरेला के 16 मार्च की खूनी होली को नहीं भूल पा रहे। इसमें डकैत जगजीवन ने गांव में खून की होली खेली थी। गांव के लोग आज भी होली नहीं मनाते है।
इटावा, अमृत विचार। Holi 2023 चंबल नदी और यमुना नदी में कभी डकैतों का आतंक हुआ करता था। इस आतंक से लोग त्यौहार भी मानने से लोग डरा करते थे। आज से 16 वर्ष पहले थाना सहसों क्षेत्र के अंतर्गत गांच चौरेला होली पर हुई घटना से आज भी गांव के लोग होली नहीं मनाते हैं। 16 मार्च सन 2006 को होलिका दहन में तीन लोगों की गोली मारकर हत्या और एक युवक को जिंदा होली में फेंक देने की घटना के बाद से चौरेला गांव के लोग आज भी मंजर याद कर सहम जाते हैं। जिंदा जलाकर मार देने वाले जनवेद के पुत्र रिंकू ने बताया की पुलिस मुखबिरी के शक में डकैत जगजीवन और उसकी गैंग के लोगों ने यहां पर खून की होली खेली थी। आज भी 16 साल बीत जाने के बाद गांव के लोग होली का त्यौहार नहीं मनाते हैं।
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आठ लाख का इनामी दुर्दांत दस्यु जगजीवन परिहार ने गुड्डू को गोली मारकर मरा समझकर छोड़ कर चले गए थे। वह किसी प्रकार बच गए। उन्होंने अपनी आप बीती बताते हुए कहा उस रात की घटना से आज भी माहौल भयक्रांत हो जाता है। वह होली की काली रात भूली नहीं जा सकती है।
होली में जिंदा जलाए गए मृतक जनवेद सिंह का बेटा ब्रजेश सिंह उर्फ रिंकू ने बताया की उस 16 मार्च 2006 की रात में होली थी। मेरे पिता की साइकिल की दुकान थी । उस दिन शाम को घर पर आ गए। उसके बाद जगजीवन परिहार डकैत आया घर से ले गया। जहां होली रखी थी वहां पर पहुंच गए और होली के सामने खड़ा करके पीछे से गोली मार दी । ह तड़प रहे थे उनको जिंदा में ही होली में डालकर आग लगा दी। हमारे गांव के लोग तभी से होली नहीं मनाते हैं। बगल के ही गांव लालूपुरा के दो लोगों को भी उसी रात मार दिया था। हमारे गांव के गुड्डू को चेहरे पर भी गोली मार दी थी। उन्हें मरा समझकर छोड़ कर चले गए थे।
गोली से घायल हुए गुड्डू ने बताया कि 16 मार्च की रात 2006 में हम सभी लोग होली जलाने की तैयारी कर रहे थे। डकैत जगजीवन परिहार और गैंग के लोगों ने सबसे सबसे पहले जनवेद को गोली मार दी। उसके बाद उनको होली में फेंक दिया दूसरी गोली मेरे चेहरे पर मार दी। मैं तो गिर गया बेहोश हो गया। वह लोग मुझे मरा समझकर छोड़ गए। पड़ोस के गांव लल्लू पुरा में भी दो लोगों को जगा कर रात में गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस तरह होली की रात में तांडव किया गया था।
