बरेली: ट्रांसजेंडर के नहीं बन पा रहे पहचान पत्र, ऐसे करें आवेदन
बरेली, अमृत विचार। सरकार ट्रांस जेंडर्स (किन्नरों) के पहचान पत्र बनाने पर जोर दे रही है ताकि उन्हें स्वास्थ्य, शिक्षा जैसी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल सके लेकिन समाज कल्याण विभाग इस वित्तीय वर्ष में सिर्फ पांच किन्नरों को पहचान पत्र उपलब्ध करा सका है। अफसर इसकी वजह किन्नरों में जागरूकता का अभाव बता रहे हैं।
जिले में अच्छी-खासी तादाद में किन्नर हैं लेकिन इनकी वास्तविक संख्या की जिला प्रशासन को जानकारी नहीं है। इसी वजह से उन्हें सरकार की योजनाओं का लाभ नहीं मिल पाता। विभाग के मुताबिक प्रदेश सरकार ने किन्नरों को जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए पिछले साल किन्नर कल्याण बोर्ड की स्थापना की थी।
इसी के तहत किन्नरों के पहचान पत्र बनाए जाने हैं। शासन के आदेश पर समाज कल्याण विभाग ने इनको चिह्नित करने के लिए सभी ब्लॉकों के बीडीए अपने क्षेत्र में उनका विभागीय साइट पर पंजीकरण कराने का निर्देश दिया है लेकिन साल भर में सिर्फ पांच पंजीकरण हो पाए हैं।
पोर्टल पर पंजीकरण नहीं करा पा रहे किन्नर
किन्नरों के पहचान पत्र बनाने के लिए सरकार ने ट्रांस जेंडर पोर्टल पर पंजीकरण कराने को कहा है। इसके लिए अधिकारियों को ट्रेनिंग भी दी गई है लेकिन जनपद के किन्नर ट्रांस जेंडर पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराने में पीछे हैं। हालांकि बरेली में किन्नरों की अच्छी-खासी संख्या है लेकिन पहचान पत्र बनवाने में वे या तो रुचि नहीं दिखा रहे या उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है।
पहचान पत्र मिलने से इस तरह कम होंगी मुश्किलें
राज्य के बाहर अन्य इलाकों में ऐसे वर्ग के लोगों का यह पहचान करना मुश्किल हो जाता है कि आखिरकार ये हैं किस जगह के। पहचान पत्र जारी होने से अब यह पता चल जाएगा कि वह कहां के निवासी हैं। इससे उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता भी आसानी से साफ हो जाएगा।
ऐसे करें आवेदन :
जिला समाज कल्याण अधिकारी मीना श्रीवास्तव ने बताया कि पहचान प्राप्त करने के लिए कोई भी किन्नर वेबसाइट Transgender.dosje.gov.in/Admin पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। इसके लिए फोटो, आधार कार्ड और दूसरे जरूरी अभिलेख उसे वेबसाइट पर अपलोड करने होंगे ।
ट्रांस जेंडर के पहचान पत्र जारी करने के आदेश हुए हैं। अब तक पांच ट्रांसजेंडर को पहचान पत्र दिलाए जा चुके हैं। इसमें सिर्फ ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया है जो चल रही है---मीनाक्षी वर्मा, समाज कल्याण अधिकारी।
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