कानपुर : अधिवक्ता समेत दो ने गोली मारकर की आत्महत्या
कानपुर, अमृत विचार। होली पर गोविंद नगर और घाटमपुर थानाक्षेत्र में अलग-अलग कारणों से दो लोगों ने खुद की गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना से अफरातफरी मच गई। जब तक परिजनों अस्पताल लेकर पहुंचे, तब तक दोनों की सांसे थम चुकी थीं। दोनों के परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। दबौली की घटना में जहां अधिवक्ता की मां ने बेटे के तनाव में होनी की बात कही। वहीं परचून दुकानदार ने पत्नी वियोग में खुद को गोली मार ली।
दबौली निवासी सतीश मिश्रा अधिवक्ता थे। परिवार में पत्नी सपना, बेटा राज, मां कांति व दो अन्य भाई हरीश और सुदीश हैं। मां के अनुसार, बेटे के दांत में पस पड़ गया था। जहां डॉक्टर को दिखाने पर उन्होंने आपरेशन बताया था। यह भी कहा था कि अगर आपरेशन नहीं कराया तो कैंसर बन सकता है। इस पर वह तनाव में थे। गुरुवार सुबह बहू सपना मंदिर गई थी। इसी बीच बेटे ने अलमारी में रखी अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर से कनपटी में गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर हरीश और सुदीश उसे गंभीर हालत में रीजेंसी ले गए। जहां डाक्टर ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, मोहल्ले के लोगों का कहना है, पिता के निधन के बाद परिवार में प्रापर्टी को लेकर अक्सर चर्चाएं होती थी जिससे भी वह तनाव से जूझ रहे थे। पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर जांच पड़ताल की।
पत्नी वियोग में देशी तमंचे से कनपटी में मारी गोली, मौत
घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र के बेंदा गांव निवासी (40 वर्षीय) रामप्रताप सिंह ने पत्नी वियोग में देशी तमंचे से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। फायर करते ही क्षेत्र में सनसनी मच गई। मृतक के भतीजे रजत ने बताया कि चाची अनीता की कई वर्ष पहले मौत हो चुकी है। उनके तीन बच्चे प्रिंस, लाडो और अनुष्का हैं। भतीजे के अनुसार घर से सौ मीटर की दूरी खेत में बुधवार रात करीब सात बजे उन्होंने देशी तमंचे से कनपटी में गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वह लोग गोली की आवाज सुनते ही उन्हें लेकर पुलिस को सूचना देने के बाद हैलट लेकर पहुंचे, लेकिन तब तक वह दम तोड़ चुके थे। हादसे के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना था कि पत्नी के निधन के बाद से वह काफी परेशान रहने लगे थे। जिसके बाद उन्होंने आत्महत्या कर ली। परिजनों ने बताया कि वह परचून की दुकान चलाकर परिवार का पालन पोषण करते थे।
यह भी पढ़ें : लखनऊ में तैनात सिपाही की पत्नी का ट्रक थाने से चोरी, ओवर लोडिंग में पकड़कर ट्रक हुआ था चालान
