खाकी का बेरहम चेहरा : घायल थाने में तड़पता रहा, लेकिन नहीं पसीजे पुलिसकर्मियों के दिल, खड़े हो रहे तमाम सवाल
फतेहपुर में मारपीट में घायल युवक थाने में तड़पता रहा।
फतेहपुर के जाफरगंज थाना क्षेत्र में मारपीट से घायल युवक कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में तड़पता रहा, लेकिन उसकी किसी ने एक नहीं सुनी। थाना प्रभारी पर फिर से सवालिया निशान खड़े हो रहे।
फतेहपुर, अमृत विचार। जाफरगंज थाना क्षेत्र में मारपीट से घायल युवक कार्रवाई की मांग करते हुए थाने में तड़पता रहा, लेकिन पुलिस ने कोई बात नहीं सुनी। गंभीर घायल को परिजन लेकर अस्पताल पहुंचे। इस घटना से थाना प्रभारी निरीक्षक एक बार फिर सवालिया निशान लग रहे है। जब परिजन न्याय की आस लेकर पुलिस के पास पहुंचे तो खाकी ने उन्हे आंखे दिखा कर भगा दिया।
थाना क्षेत्र के खूटाझाल निवासी शमशेर सिंह पुत्र शिव नारायन सिंह हलवाई का काम करता है। 13 मार्च की दोपहर हलवाई का काम समाप्त कर घर वापस आ रहा था। तभी पहले से घात लगाए बैठे सोनू सिंह उर्फ अमित कुमार पुत्र शिव सिंह,शिव सिंह पुत्र छोटा सिंह,कप्तान सिंह पुत्र वीरेंद्र सिंह,जहेर सिंह पुत्र रघुवर सिंह सहित दो,तीन अज्ञात लोगों ने गांव के विजय सिंह के दरवाजे पर शमशेर सिंह पर लाठी,डंड़ों और कुल्हाड़ी से हमला बोल कर मरणासंन कर दिया।
पीड़ित पर जान लेवा हमला किया गया था उसके बेहोश होने पर हमलावर उसे मरा समझ कर छोड़ कर भाग निकले थे। मामले की जानकारी परिवारीजनों को हुई मौके पर पहुंचे। गंभीर घायल को वाहन से लेकर जाफरगंज थाने पहुंचे और पुलिस से मदद की गुहार लगाई थी। घायल थाने में घंटों पड़ा तड़पता रहा और थाना पुलिस उल्टे ही पीड़ित परिजनों को सेकती रही। जब लाचार परिवार को पुलिस से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई तो घायल को लेकर खुद ही अस्पताल जा पहुंचे।
अफसरों की चौखट पर लगाएगी न्याय की गुहार
घायल बेटे शमशेर को देख उसकी मां मंजू देवी की आंखों में आंसू है। वह जाफरगंज पुलिस से न्याय मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी है। यह भी आरोप लगाए कि मारपीट करने वालों में एक आरोपी सत्ता के ओहदेदार होने से पुलिस उनकी सुन सुनती नहीं। थाने में घायल बेटा तड़पता रहा लेकिन मेडिकल के लिए नहीं भेजा गया।
थाना प्रभारी पर लगते आए इल्जाम
इससे पहले सुल्तानपुर घोष थाना इंचार्ज रहते हुए जयचंद्र भारती काफी सुर्खियों में रहे। एक विवाद के मामले में सवर्ण विरोधी होने तक के इल्जाम लगे। मामला पुलिस कप्तान के पास पहुंचा तो जयचंद्र भारती के खिलाफ जांच शुरू हो गई । जिस पर दोषी पाए जाने पर थानाध्यक्षी गवानी पड़ी थी।
