मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों को डिमेंशिया होने का जोखिम अधिक, लांसेट के अध्ययन में हुआ खुलासा

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। फुटबॉल के मशहूर खिलाड़ियों को आम लोगों की तुलना में अल्जाइमर और अन्य ऐसी समस्याओं का जोखिम अधिक रहता है। 'द लांसेट पब्लिक हेल्थ' पत्रिका में एक अध्ययन में यह बात कही गई है। स्वीडिश शीर्ष डिवीजन में खेलने वाले पुरुष फुटबॉल खिलाड़ियों में नौ प्रतिशत (6,007 में से 537) में स्मृति-क्षय जैसे रोग होने का पता चला, जबकि 6 प्रतिशत सामान्य आबादी में (56,168 में से 3,485 लोगों में) इस तरह की बीमारी का पता चला। 

हाल के वर्षों में, फुटबॉल खेलने के दौरान सिर में चोट लगने के बारे में चिंताएं बढ़ रही हैं और आशंका बनी रहती है कि क्या इससे बाद के जीवन में न्यूरोडिजेनरेटिव बीमारी का खतरा बढ़ सकता है। स्कॉटलैंड के पहले के एक अध्ययन में सामने आया कि फुटबॉलरों को स्मृति-क्षय संबंधी रोग होने का जोखिम 3.5 गुना अधिक होता है। 

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि इस निष्कर्ष के बाद कुछ फुटबॉल संघों ने कम उम्र में खिलाड़ियों को चोट कम से कम लगने के संबंध में उपाय लागू किये। कैरोलिंस्का इंस्टीट्यूट, स्वीडन में सहायक प्रोफेसर पीटर उएडा ने कहा, हमारे अध्ययन में जोखिम वृद्धि स्कॉटलैंड के पिछले अध्ययन की तुलना में थोड़ी कम है, लेकिन इस बात की पुष्टि हुई है कि मशहूर फुटबॉल खिलाड़ियों को बाद के जीवन में स्मृति-क्षय संबंधी रोग होने का बड़ा जोखिम रहा है।

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