'चैंपियन कभी खत्म नहीं होते', साइना नेहवाल ने पीवी सिंधू की वापसी को बताया शानदार, कहा- अभी कई बड़े खिताब बाकी
जापान ओपन सुपर 750 जीतने के बाद साइना ने सिंधू के आक्रामक खेल और दमदार वापसी की तारीफ की, विश्व चैंपियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों से पदक की उम्मीद जताई।
नई दिल्ली: भारत की दिग्गज बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने पीवी सिंधू की हालिया सफलता की सराहना करते हुए कहा कि किसी भी चैंपियन खिलाड़ी को कभी कम नहीं आंकना चाहिए। उनका मानना है कि जापान ओपन सुपर 750 का खिताब इस बात का संकेत है कि सिंधू के पास अभी भी कई बड़े टूर्नामेंट जीतने की क्षमता मौजूद है।
सिंधू की वापसी को बताया प्रेरणादायक
साइना ने कहा कि पिछले दो-तीन साल पीवी सिंधू के लिए आसान नहीं रहे। चोटों से जूझने के बावजूद उन्होंने शानदार वापसी की और जापान ओपन में लगातार शीर्ष खिलाड़ियों को हराकर खिताब अपने नाम किया। साइना के अनुसार, पूरे टूर्नामेंट में सिंधू का आक्रामक खेल पहले से अधिक प्रभावी दिखाई दिया।
'चैंपियन हमेशा वापसी करते हैं'
उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र और लगातार चोटों के बीच शीर्ष स्तर पर प्रदर्शन बनाए रखना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद सिंधू ने जिस आत्मविश्वास और खेल का प्रदर्शन किया, वह काबिल-ए-तारीफ है। साइना ने कहा कि इस जीत से सिंधू का आत्मविश्वास और मजबूत होगा क्योंकि सच्चे चैंपियन हमेशा वापसी करना जानते हैं।
युवा खिलाड़ियों को दी निरंतरता की सीख
साइना ने नई पीढ़ी के खिलाड़ियों से उम्मीद जताई कि वे लगातार बड़े टूर्नामेंटों में अच्छा प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि बैडमिंटन में सफलता का सबसे बड़ा मंत्र निरंतरता है। खिलाड़ियों को हर प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
विश्व चैंपियनशिप में भारत से पदक की उम्मीद
17 से 23 अगस्त तक भारत में होने वाली बैडमिंटन विश्व चैंपियनशिप को लेकर साइना ने खुशी जताई। उन्होंने कहा कि घरेलू परिस्थितियों का फायदा भारतीय खिलाड़ियों को मिल सकता है। उनके मुताबिक, पीवी सिंधू बेहतरीन लय में हैं और लक्ष्य सेन जैसे खिलाड़ी भी शानदार फॉर्म में हैं, जिससे पदक की उम्मीद मजबूत हुई है।
राष्ट्रमंडल खेलों और कोचिंग पर भी रखी राय
साइना ने 23 जुलाई से शुरू होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए भारतीय दल को शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने बैडमिंटन, हॉकी और निशानेबाजी जैसे खेलों को इस बार प्रतियोगिता में शामिल न किए जाने पर निराशा भी जताई।
कोचिंग को लेकर उन्होंने कहा कि फिलहाल इस दिशा में कोई जल्दबाजी नहीं करेंगी। उनके अनुसार, कोचिंग केवल तकनीकी प्रशिक्षण नहीं बल्कि खिलाड़ियों के मानसिक दबाव को संभालने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।
प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी मुश्किल
प्रतिस्पर्धी बैडमिंटन में वापसी के सवाल पर साइना ने स्पष्ट कहा कि आर्थराइटिस (गठिया) जैसी समस्या के बाद दोबारा शीर्ष स्तर पर लौटना बेहद कठिन होता है। इसलिए फिलहाल उनकी वापसी की संभावना नहीं दिखती।
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