Kanpur कोर्ट पहुंचें SP MLA Irfan Solanki का झलका गुस्सा, बोलें- सरकार इस्तीफा चाहती है, तो मैं देने को तैयार हॅूं
महाराजगंज जेल से कानपुर कोर्ट में पेशी के दौरान आए सपा विधायक इरफान सोलंकी।
महाराजगंज जेल से कानपुर कोर्ट में पेशी के दौरान आए सपा विधायक इरफान सोलंकी का गुस्सा झलका। उन्होंने कहा कि अगर सरकार मेरा इस्तीफा देना चाहती है, तो मैं देने को तैयार हॅूं। लेकिन मेरे परिवार को परेशान नहीं किया जाएं।
कानपुर, अमृत विचार। शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा के बीच महराजगंज जेल में बंद सीसामऊ से सपा विधायक इरफान सोलंकी को एमपीएमएलए कोर्ट में पेश किया गया। पेशी पर जाते समय उन्होंने कहा कि जुल्मी कब तक जुल्म करेगा सत्ता के गलियारों से, जर्रा जर्रा गूंज उठेगा इंकलाब के नारों से। इस दौरान कोर्ट में एफआईआर लेखक के बयान दर्ज किए गए। पेशी से बाहर निकलते ही विधायक का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि परिवार को परेशान मत करो..सरकार मेरा इस्तीफा चाहती है, तो मैं देने को तैयार हूं। वहां मौजूद विधायक की पत्नी नसीमा सोलंकी व मां खुर्शीदा ने जेल प्रशासन पर भी आरोप लगाए और फूट-फूटकर रो पड़ीं।
जाजमऊ आगजनी मामले में एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश सत्येंद्र नाथ त्रिपाठी की कोर्ट में सपा विधायक इरफान सोलंकी, उनके भाई रिजवान समेत पांच लोगों के खिलाफ सुनवाई शुरू हुई। इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। इरफान को महराजगंज जेल से लगभग 12:30 बजे कड़ी सुरक्षा में कानपुर लाया गया था। वहीं, रिजवान सोलंकी, मोहम्मद शरीफ, हिस्ट्रीशीटर शौकत अली व इसराइल आटे वाला को कानपुर जेल से कोर्ट लाया गया।
अभियोजन की ओर से एफआईआर दर्ज करने वाले एफआईआर लेखक संजीव कुमार को कोर्ट में गवाह के रूप में पेश किया गया। कोर्ट में गवाही के बाद बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने जिरह की। अधिवक्ता प्राची श्रीवास्तव ने बताया कि मुकदमे की वादिनी डिफेंस कालोनी निवासिनी नजीर फातिमा की भी गवाही होनी थी, लेकिन अस्वस्थ्य होने के कारण कोर्ट नहीं आ सकीं।
नजीर फातिमा की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर अगली तारीख की मांग की गई। कोर्ट ने 20 मार्च की तारीख नियत की है। वहीं फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में एमपीएमएलए लोअर कोर्ट में आरोप तय नहीं हो सके। दोपहर तकरीबन 3:30 बजे इरफान सोलंकी को कड़ी सुरक्षा में वापस महराजगंज ले जाया गया।
बाहर निकलने पर फूट पड़ा गुस्सा
पेशी से बाहर निकलते समय परिवार से मिलने न देने पर इरफान का गुस्सा फूट पड़ा। मीडिया कर्मियों के सामने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि मेरे परिवार को परेशान करना बंद कर दो.. जब मिलने नहीं देना, तो बुलाते क्यों हो। सरकार को अगर मेरा इस्तीफा चाहिए, तो मैं देने को तैयार हूं...लेकिन परिवार को परेशान करना बंद कर दो।
फूट-फूट कर रोई विधायक की पत्नी व मां
इरफान सोलंकी की पत्नी नसीमा सोलंकी का कहना था कि विधायक को परिवार से 400 किमी दूर महराजगंज जेल में बंद किया गया है। वहां जाओ तो काफी दूर से मिलने दिया जाता है। कोर्ट में आओ, तो मुलाकात नहीं करने दी जाती। एक एक हफ्ते में अदालत में पेशी हो रही है। बच्चों के बोर्ड के एग्जाम हैं। हम बच्चों को एग्जाम दिलवाएं या अपने पति से मिलने महराजगंज और कोर्ट आएं। नसीमा सोलंकी ने रो-रो कर सरकार से माफी की गुहार लगाई। उन्होंने कहा कि हम थक और टूट चुके हैं। मां खुर्शीदा ने कहा कि सरकार को हमारे आंसू दिखाई नहीं दे रहे हैं अब हमें माफ कर दिया जाए।

छावनी में तब्दील रही कचहरी
इरफान का काफिला कानपुर कचहरी के पास जाम में थोड़ी देर के लिए फंसा रहा। वकीलों के प्रदर्शन और सपा विधायक की पेशी को देखते हुए कानपुर कचहरी को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस के साथ पीएसी और आरएएफ को भी तैनात किया गया। कोर्ट के मेन गेट से लेकर चप्पे-चप्पे तक भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
