प्रयागराज: कांग्रेस राज्यसभा सांसद के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही में अदालत ने कही ये बड़ी बात
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कांग्रेस के राज्यसभा सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला के खिलाफ वाराणसी की अदालत में लंबित एक 23 साल पुराने आपराधिक मामले को रद्द करने से इनकार करते हुए कहा कि याची के पास ट्रायल कोर्ट के समक्ष आरोपमुक्ति याचिका दाखिल करने का एक उपाय है।
न्यायमूर्ति राजीव गुप्ता की पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि अगर कांग्रेस सांसद 2 सप्ताह की अवधि के भीतर स्थानीय अदालत के समक्ष आरोप मुक्ति याचिका दाखिल करते हैं तो उस पर विचार किया जाए और 6 सप्ताह के भीतर शीघ्रता से निर्णय लिया जाए। अदालत ने याची को 2 महीने की अवधि के लिए या डिस्चार्ज आवेदन के निस्तारण तक किसी भी दंडात्मक कार्यवाही से सुरक्षा प्रदान की है।
गौरतलब है कि वर्ष 2000 में अन्य कांग्रेस नेताओं के साथ सुरजेवाला के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान की रोकथाम अधिनियम की धारा 3 के तहत आरोप लगाए गए थे। आयुक्त के कार्यालय परिसर में जबरदस्ती घुसकर हंगामा करने, उन्हें चोट पहुंचाने और लोक सेवकों के साथ मारपीट करने के कारण सांसद के खिलाफ कार्यवाही की जा रही थी। अब मामले की कार्यवाही को चुनौती देते हुए सुरजेवाला ने हाईकोर्ट के समक्ष याचिका दाखिल कर यह अनुरोध किया कि प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों और जांच के दौरान एकत्र की गई सामग्री के अवलोकन से उनके खिलाफ कोई अपराध प्रकट नहीं होता है। उनके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि वर्तमान मामला उत्पीड़न के उद्देश्य से दुर्भावनापूर्ण इरादे से स्थापित किया गया है, इसलिए पूरी कार्यवाही को रद्द किया जाना चाहिए।
अंत में अदालत ने रिकॉर्ड पर उपस्थित तथ्यों का अवलोकन करते हुए याची को स्थानीय अदालत के समक्ष डिस्चार्ज याचिका दाखिल करने की स्वतंत्रता देते हुए वर्तमान याचिका का निस्तारण कर दिया।
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