कोविड की निगेटिव रिपोर्ट वालों की होगी टीबी की जांच
लखनऊ। प्रदेश के सभी जिलों में सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस(एसएआरआई) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के रोगी जो कोविड-19 जांच में निगेटिव पाए गए हैं, उनकी क्षय रोग (टीबी) की जांच करायी जायेगी। इस सम्बन्ध में राज्य स्तर से प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिसमें जिक्र है कि …
लखनऊ। प्रदेश के सभी जिलों में सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस(एसएआरआई) और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के रोगी जो कोविड-19 जांच में निगेटिव पाए गए हैं, उनकी क्षय रोग (टीबी) की जांच करायी जायेगी। इस सम्बन्ध में राज्य स्तर से प्रदेश के सभी जिला क्षय रोग अधिकारियों को पत्र भेजा गया है, जिसमें जिक्र है कि जनपद के जिला सर्विलेंस अधिकारी (आईडीएसपी) से कोविड-19 निगेटिव एसएआरआई (सारी) और आईएलआई की सूची प्राप्त कर उनकी टीबी की जांच कराना सुनिश्चित की जाए।
महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मेजर डॉ. डीएस नेगी का कहना है कि कोविड-19 और क्षय रोग के कई लक्षण सामान होते हैं। प्रदेश के कोविड-19 पोर्टल के अनुसार 31 जुलाई 2020 तक प्रदेश के सभी जिलों में चिन्हित सीवियर एक्यूट रेस्परेटरी इलनेस (एसएआरआई) के 38,324 और इंफ्लूएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के 65, 595 के रोगी कोविड-19 जांच में निगेटिव पाए गए हैं।
इनमें कई संभावित क्षय रोगी भी हो सकते हैं जिनकी जनपद स्तर पर टीबी की जांच कराना आवश्यक है। पत्र में कहा गया है कि सारी के निगेटिव रिपोर्ट वालों की सूची प्रत्येक सप्ताह जिला सर्विलेंस अधिकारी से लेकर ऐसे रोगियों की बलगम की सीबीनाट से क्षय रोग की जांच करायी जाए।
जरूरत पड़ने पर चेस्ट एक्स-रे व अन्य जांच भी कराई जा सकती है। इसके अलावा आईएलआई के जिन मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आई है उनके घर सम्बंधित टीबी यूनिट के कर्मचारियों द्वारा भ्रमण कर वर्तमान में क्षय रोग के लक्षण (बुखार,खांसी, वजन कम होना, रात्रि में पसीना आना, कान्टेक्ट हिस्ट्री आदि) की जानकारी प्राप्त की जाए।
लक्षणों/ क्षय रोगी से कान्टेक्ट हिस्ट्री पाए जाने की दशा में उनके बलगम की सीबीनाट जांच व अन्य आवश्यक जांचें कराई जाएं। जांच में जिनमें भी क्षय रोग की पुष्टि होती है, उनका विवरण निक्षय पोर्टल पर पंजीकृत किया जाए।
