प्रयागराज: रिटायर्ड जजों को मिलने वाली सुविधाओं के मामले में सरकार से जवाब तलब
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सर्वोच्च न्यायालय और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों को मिल रही सुविधाओं पर पुनर्विचार कर आंध्र प्रदेश राज्य के समान सुविधा देने को लेकर रिटायर्ड जजों की याचिका पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव न्याय, सचिव वित्त उत्तर प्रदेश सरकार तथा संबंधित अधिकारियों को रिकॉर्ड के साथ 4 अप्रैल 2023 को तलब किया है। कोर्ट ने कहा कि कई आदेशों के बावजूद एक अथवा दूसरे बहाने से मौजूदा केस की सुनवाई टाली जा रही है। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार व न्यायमूर्ति राजेंद्र कुमार (चतुर्थ) ने एसोसिएशन ऑफ सुप्रीम कोर्ट एंड हाई कोर्ट जजेज इलाहाबाद व अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया है।
याची की तरफ से अधिवक्ता आलोक कुमार यादव का कहना था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में हलफनामा दे रखा है कि वह आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा रिटायर्ड जजों को दी जा रही सुविधाओं की भांति उत्तर प्रदेश में भी सुविधाएं लागू करेगी। आगे यह भी कहा गया कि उत्तर प्रदेश सरकार सर्वोच्च न्यायालय में दिए अपने हलफनामे के अनुपालन में कार्य नही कर रही है और आंध्र प्रदेश सरकार द्वारा रिटायर सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के जजों को मिल रही सुविधाएं देने से आनाकानी कर रही है।
हालांकि सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता एम सी चतुर्वेदी का कहना था कि हाईकोर्ट से प्रदेश सरकार ने कुछ बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था जो प्राप्त हो गया है। कहा गया कि सरकार इसे कैबिनेट के समक्ष शीघ्र ही रखेगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि हाईकोर्ट की तरफ से नियमों में संशोधन का प्रस्ताव सरकार को भेजा जा चुका है। इस मामले पर आगामी 4 अप्रैल को फिर से सुनवाई होगी।
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