Karauli Baba : बाबा के रसूख के कारण पुलिस ने मुकदमें में लगाई एफआर, भाजपा नेता ने बाबा के खिलाफ धोखाधड़ी का दर्ज कराया था मुकदमा
कानपुर, अमृत विचार। करौली सरकार बाबा पर आरोप प्रत्यारोपों के क्रम में रविवार को धोखाधड़ी का नया मामला सामने आया। भाजपा नेता ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। भाजपा नेता ने बाबा के प्रभाव के कारण पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पुलिस कमिश्नर ने बाबा के खिलाफ दर्ज मुकदमें में पुन: जांच के आदेश का आश्वासन दिया।
नोएडा के डाक्टर सिद्धार्थ के साथ मारपीट का मुकदमा दर्ज होने के बाद करौली बाबा की मुश्किले थमने का नाम नहीं ले रही है। बाबा के आंतक से पीड़ित फरियादी आए दिन पुलिस अधिकारियों के पास न्याय की मांग को लेकर पहुंच रहे है। रविवार को करौली बाबा उर्फ संतोष भदौरिया के खिलाफ धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया। भाजपा के सांस्कृतिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक रवि सतीजा ने रविवार को पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड से मुलाकात कर बताया कि करौली बाबा उर्फ सतोष सिंह भदौरिया और उनके साथियों ने जुलाई 2022 में उनके नादरी कार्नर स्थित फ्लैट में धोखाधड़ी कर फ्लैट का ताला तोड़ कर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया था, जिसका उन्होंने स्वरुप नगर थाने में बाबा व उसके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। भाजपा नेता ने बताया कि बाबा के प्रभाव के कारण पुलिसकर्मियों ने मुकदमें में फाइनल रिपोर्ट लगा दी। बाबा से पुलिस कर्मियों की मिलीभगत की शिकायत पुलिस कमिश्नर से करने के बाद मुकदमें की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई, लेकिन बाबा का रसूख वहां भी काम आया। सतीजा ने पुलिस कमिश्नर के पीआरओ बृजेंद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा कि बृजेंद्र सिंह ने मामले की सारी जानकारी करौली बाबा तक पहुंचाते हुए जांच से जुड़े दस्तावेज गायब करा दिए। भाजपा नेता ने बाबा के खिलाफ कार्रवाई की मांग पुलिस कमिश्नर से की। पुलिस कमिश्नर ने दर्ज मुकदमें की पुन: जांच कराने का आश्वासन दिया।
करौली बाबा का आपराधिक इतिहास
फजलगंज थाना क्षेत्र स्थित शास्त्रीनगर में 4 अगस्त 1994 को अयोध्या प्रसाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिसमें संतोष भदौरिया समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी। बाद में संतोष भदौरिया को जमानत पर रिहा कर दिया गया था। 7 अगस्त 1994 को तत्कालीन कोतवाली प्रभारी वेदपाल सिंह ने संतोष भदौरिया और उसके साथियों पर मारपीट, गाली गलौज और क्रिमिनल एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। 12 अगस्त 1994 को महाराजपुर थाने में तैनात तत्कालीन सिपाही सत्यनारायण और संतोष कुमार सिंह ने संतोष भदौरिया के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके साथ ही करौली बाबा उर्फ संतोष भदौरिया पर एनएसए की भी कार्रवाई हो चुकी है।
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