लखनऊ: आम में कीट-रोग की संभावना, जानिये कैसे होगा बचाव
मुख्य उद्यान विशेषज्ञ ने जारी की एडवाइजरी
अमृत विचार, लखनऊ। बारिश व ओलावृष्टि के बाद मौसम साफ होने पर आम के बागों में कीट-रोगों के फैलने का खतरा बढ़ गया है। जो पेड़ों में आई बौर को नुकसान पहुंचाएगा। ऐसे में मुख्य उद्यान विशेषज्ञ ने किसानों को बचाव करने के उपाय बताए हैं।
मुख्य उद्यान विशेषज्ञ मलिहाबाद राजीव कुमार वर्मा ने बताया कि खराब मौसम ने आम की फसल को प्रभावित किया है। इससे आम में आई बौर को नुकसान पहुंचा है। अब मौसम साफ हो गया है। इससे मुख्य रूप से भुनगा व मिज कीट के साथ खर्रा रोग पनपने से नुकसान की संभावना है। भुनगा कीट पत्तियों व छोटे फलों का चूसकर नष्ट करेंगे। इसी तरह मिज मंजरियों व तुरंत बने फलों पर अंडे देती हे। इसकी सूंडी फल को अंदर खाकर क्षति पहुंचाती है। इससे फल का प्रभावित भाग काला पड़ जाता है। ऐसे में यह उपाय कर फसल बचाएं।
खर्रा व मिज से बचाव के लिए ये अपनाएं
मुख्य उद्यान विशेषज्ञ ने बताया कि खर्रा रोग सफेद फफूंदी की तरह होगा। इससे प्रभावित भाग पीला पड़ जाता है और मंजरियां सूख जाती है। इसके नियंत्रण के लिए एक मिली ट्राइडोमार्फ प्रति लीटर या डानोकेप एक मिली, प्रति लीटर पानी में मिलाकर पेड़ों पर छिड़के। भुनगा व मिज नियंत्रण के लिए इमिडाक्लोप्रिड तीन मिली, प्रति लीटर पानी में मिलाकर घोल बनाएं या फिर क्लोरपाइरीफास दो मिली, प्रति लीटर पानी में मिलाकर पेड़ों में छिड़काव करें। इसके अलावा डामेथेएट दो मिली भी प्रति लीटर पानी में मिलाकर छिड़काव कर सकते हैं।
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