UP निकाय चुनावः राजनीतिक दलों को आयोग की अधिसूचना का इंतजार
कानपुर, अमृत विचार। यूपी में नगरीय निकाय चुनाव को सुप्रीमकोर्ट से हरी झंडी मिलने पर राजनीतिक दलों में चुनावी तैयारियों को लेकर हलचल शुरू हो गयी है। ओबीसी आरक्षण के साथ चुनाव कराने का आदेश मिलते ही सरकार की ओर से सुप्रीमकोर्ट में कहा गया कि यूपी राज्य निर्वाचन आयोग दो दिन के भीतर अधिसूचना जारी कर देगा। बाकी प्रक्रिया पूरी करने में 15 दिन से एक महीने तक का समय लग सकता है। कानपुर में नगर निगम और नगर पालिका व नगर पंचायत के भी होने हैं।
भाजपा कानपुर उत्तर जिला अध्यक्ष सुनील बजाज का कहना है कि उनकी पार्टी की समस्त तैयारियां पूरी हैं। सुप्रीमकोर्ट के फैसले के बाद राज्य निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी करेगा। भाजपा को तैयारी के लिए कुछ नहीं करना है। तैयारी पूरी है। अधिसूचना जारी होने दीजिए। आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता मदनलाल भाटिया का कहना है कि बिना ट्रिपल टेस्ट के ओबीसी आरक्षण के साथ निकाय चुनाव कराने की अनुमति नहीं दी गयी थी। सुप्रीमकोर्ट आयोग की रिपोर्ट से संतुष्ट है। आम आदमी पार्टी की तैयारी पूरी है। संभावित नाम तक फाइनल हैं। अधिसूचना का इंतजार है।
आयोग का मानना था कि बीते तीन चार दशकों से चक्रानुक्रम आरक्षण का पालन नहीं किया गया था। कांग्रेस के शहर अध्यक्ष नौशाद आलम मंसूरी का कहना है कि उन्हें अधिसूचना का इंतजार है। तैयारी पूरी है। प्रत्येक मेयर प्रत्याशी समेत हर वार्ड में तीन-तीन प्रत्याशियों का पैनल किया जाएगा। आवेदन मिल ही चुके हैं। बाकी प्रदेश नेतृत्व यदि कोई निर्देश जारी करेगा तो प्रत्याशी चयन प्रक्रिया में तरमीम कर लिया जाएगा। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष डा.इमरान ने बताया की पार्टी की पूरी तैयारी है।
भाजपा महिला मोर्चा की उपाध्यक्ष अनीता चतुर्वेदी का कहना है कि नगरीय और ग्रामीण निकाय चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान एक अवसर है। इस चुनाव में ज्यादा से ज्यादा महिलाओं को भागीदारी का अवसर मिलेगा। चक्रानुक्रम आरक्षण में सीटें बदलेंगी जिसका लाभ महिलाओं को मिलेगा। भाजपा ने सदैव महिला सशक्तीकरण पर जोर दिया है।
ये भी पढ़ें - लखनऊ: मुख्तार अंसारी को मिली राहत, बंदी को मारने और जेलर को धमकी देने के मामले में बरी
