Kanpur News: सावधान ! अगर सेहत का रखना है ध्यान, मिलावट से बचे, नवरात्र व रमजान में बाजार में सजी मिठाई दुकानें
कानपुर में नवरात्र व रमजान को लेकर बाजार में मिलावटखोर सक्रिय हो गए।
कानपुर में नवरात्र व रमजान को लेकर बाजार में मिलावटखोर सक्रिय हो गए। मिलावटखोर मिठाइयों में मिलावट कर लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे।
कानपुर, अमृत विचार। त्योहारों को देखते हुए मिलावटखोर भी सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे में आप सभी अपनी सेहत का ध्यान रखें, क्योंकि बाजार में मिलावटी समानों की भरमार है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने भले ही इसको ध्यान में रखते हुए नमूना भरने के बाद कारवाही शुरू कर दी हो। लेकिन बावजूद इसके मिलावट करने वाले माफिया लगातार मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री कर रहे हैं।
17 नमूने भरे गए
नवरात्र और रमजान को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से 17 नमूने भरे गए थे। इसमें घाटमपुर के मूसानगर रोड, झांड़ी बाबा पड़ाव, सिविल लाइंस शिवा जनरल स्टोर, बर्रा बाईपास, शिवाजी नगर, कर्रही रोड, श्याम नगर, रावतपुर दूध मंडी, छपेड़ा पुलिया, ग्वालटोली, दबौली, सुंदर नगर पनकी में दूध, अमूल गोल्ड मिल्क, साबुदाना, कुट्टू का आटा, किशमिस, मैंगो ड्रिंक, पेड़ा के नमूने लिए गए थे।
पिछले साल हुई कार्रवाई
नमूने 139
पास 080
फेल 059
अधोमानक 041
मिस ब्रांडेड 015
असुरक्षित 003
नोट : ये नमूने वर्ष 2022 के 12 से 16 मार्च में लिए गए थे।
इस साल लिए नमूने
नमूने 670
छापे 549
निरीक्षण 6168
रिपोर्ट 772
अधोमानक 265
मिस ब्रांडेड 54
असुरक्षित 47
नोट : ये नमूने वर्ष 2022-23 में एक अप्रैल से 21 जनवरी तक लिए गए थे।
जानें किस कोर्ट में कब जाता है मामला
एडीएम सिटी : खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की ओर से लिए गए नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा जाता है, जहां नमूने यदि मानक से कम यानि उनकी पौष्टिकता में कमी व अन्य खाद्य पदार्थ की मिलावट मिलती है तो ये मामले में एडीएम सिटी कोर्ट में जाते हैं।
न्यायालय : जिन मामलों में लैब के द्वारा खाद्य पदार्थों में ऐसी मिलावट की पुष्टि होती है, जो हानिकारक होते हैं। यानि प्रतिबंधित रसायन या ऐसी चीज की मिलावट जो आपकी सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते हैं, इनका केस न्यायालय में चलता है।
प्रतिबंधित रंग सेहत के लिए हानिकारक
केस-1
- शहर के बाजार में खाद्य विभाग द्वारा कचरी के नमूने लिए गए थे। लैब जांच में इसमें रंग मिला पाया गया। विभाग के अनुसार जो रंग मिला, वह प्रतिबंधित है और सेहत के लिए बेहद हानिकारक भी।
केस-2
नमकीन भी शुद्ध नहीं
-शहर के बाजार में नमकीन के भी नमूने लिए गए। नमकीन के नमूनों को जांच के लिए लैब भेजा तो इसमें भी ऐसे रंग मिले पाए गए, जो सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचा सकते थे।
केस-3
टोस्ट बिगाड़ सकता है सेहत
- इन दिनों प्रतिदिन और त्योहारों पर अब ज्यादा खपत वाले खाद्य पदार्थों में शामिल टोस्ट में भी मिलावट शुरू कर दी है। बाजार से लिए नमूनों में टोस्ट में भी हानिकारक रसायन व रंग का इस्तेमाल किया गया था।
कैसे जांचे की मिलावट है या नहीं
घना झाग मतलब दूध में डिटर्जेंट
-दूध में पांच से दस एमएल का नमूना लेकर समान मात्रा में पानी मिलाएं और खूब हिलाएं। घना झाग मतलब डिटर्जेंट की मिलावट। चिकनी सतह पर दूध की बूंद डालने पर वह सफेद धार छोड़ते हुए रुक-रुक कर आगे बढ़ेगी, जबकि अशुद्ध दूध फौरन बह जाता है।
तेल हुआ लाल तो समझो हैं दिक्कत
- तेल का दो एमएल नमूना लेकर उसमें ठोस मक्खन मिलाएं। फौरन नमूना लाल रंग दिखने लगता है तो समझ जाइए कि तेल में ट्राय-आर्थो-क्रेसाइल-फास्फेट (टीओसीपी) की मिलावट है।
नीला नहीं होना चहिए घी-मक्खन
- एक कांच की कटोरी में आधा चम्मच घी व मक्खन का नमूना लें। दो से तीन बूंद टिंचर नमक मिलाएं। यदि नमूने का रंग नीला पड़ता है तो समझिये उसमें उबला आलू, शकरकंदी या अन्य स्टार्च की मिलावट है।
हल्का रंग छोड़ती है हल्दी
- साबुत हल्दी एक कांच के पानी भरे गिलास में डाल दें। मिलावटी हल्दी फौरन रंग छोड़ने लगेगी। पिसी हल्दी जब पानी में डाली जाती है तो वह हल्का रंग छोड़ती है, जबकि मिलावटी हल्दी में तेज रंग छूटता है।
घुलता नहीं है शुद्ध शहद
- पानी से भरे एक कांच के पारदर्शी गिलास में शहर की एक बूंद डालें। शहद शुद्ध होगा तो पानी में नहीं घुलेगा, यदि घुला तो इसका मतलब चीनी का घोल मिलाया गया है।
मैदा, आटा, रवा में मिला देते हैं बारीक धूल
- आटा, मैदा, सूजी या रवा की शुद्धता की जांच के लिए जरूरी है कि उसको गौर से देखें। मिट्टी, कीड़े, मकड़ी के जाल, चूहे व खरगोश के बाल और मल की मिलावट को बारीकी से देखकर ही पता किया जा सकता है।
पानी में मिर्च बनाती है लाल धाराएं
- एक गिलास में पानी लेकर उसमें लाल मिर्च का पाउडर छिड़क दें। लाल धाराओं के साथ मिर्च लाल रंग की धारा बनाते हुए नीचे तल की ओर चली जाएगी तो समझो इसमें रंग मिलाया गया है। लकड़ी का बुरादा मिला है तो वह ऊपर आ जाएगा।
काली करतूत बतात है खोआ का रंग
- खोआ का नमूना लेकर उसमें टिंचर आयोडीन नमक को को मिलाएं। यदि खोआ का रंग काला हो जाता है तो समझ लीजिए उसमें मिलावट है। फैट कम और वजन व मुनाफा बढ़ाने के लिए रिफाइंड, डाल्डा का प्रयोग होता है।
