मुरादाबाद: निरस्त होगा पूर्व ब्लाक प्रमुख के असलहों का लाइसेंस, तीन जब्त
विहिप नेता पर प्राण घातक हमले में सह-अभियुक्त बनेगा पूर्व ब्लाक प्रमुख
मुरादाबाद, अमृत विचार। मूंढापांडे के पूर्व ब्लाक प्रमुख ललित कौशिक की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। छह दिन के भीतर पुलिस ने पूर्व प्रमुख को तीन गंभीर मुकदमे का आरोपी बना दिया है। हत्या, हत्या के प्रयास व अपहरण जैसे आरोप में मुकदमे दर्ज होने के बाद ललित की जेल से रिहाई कानूनी दांव पेंच में फंस गई है। फिलहाल पुलिस ललित कौशिक से शूटर का नाम उगलवाने की योजना बना रही है। इसके अलावा पुलिस ने पूर्व प्रमुख व उसके परिजनों के तीन असलहों का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
मूंढापांडे पुलिस ने 25 मार्च को ललित कौशिक को सर्किट हाउस से तब गिरफ्तार किया, जब वह जिले के प्रभारी मंत्री के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा था। ललित पर पुलिस ने यह कार्रवाई तब की, जब एक भट्टा मजदूर ने उस पर अपहरण व हत्या के प्रयास सरीखे गंभीर आरोप लगाए। पूर्व प्रमुख को गिरफ्तार करने के दूसरे ही दिन सिविल लाइंस पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया। 27 फरवरी को हरथला निवासी खुशवंत सिंह की गिरफ्तारी करते हुए पुलिस ने बताया कि बहुचर्चित कुशांक गुप्ता हत्याकांड की साजिश ललित कौशिक ने रची थी। कुशांक हत्याकांड में लिप्त रहने के आरोपी खुशवंत उर्फ भीम चौधरी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
एसएसपी हेमराज मीना के आदेश पर बुधवार को सिविल लाइंस पुलिस एक बार फिर ललित कौशिक के घर पहुंची। वहां रखे तीन असलहे व उनके लाइसेंस पुलिस ने जब्त कर लिये। जब्त असलहों में दो राइफल व एक पिस्टल शामिल है। एसएसपी ने बताया कि पूर्व प्रमुख के नाम से दो असलहों के लाइसेंस जारी हैं। जबकि, एक राइफल उसकी पत्नी के नाम है। तीनों असलहों का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी कार्यालय को रिपोर्ट भेज कर पुलिस ने तीनों अनुज्ञप्ति निरस्त करने की संस्तुति की है। जबकि ललित विहिप नेता संतोष पंधारी पर प्राण घातक हमले में सह-अभियुक्त बनेगा।
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