मुरादाबाद : साइबर ठगों ने एसीएएमओ को बनाया अप्रैल फूल, 30 हजार रुपये ठगे
पीड़ित चिकित्साधिकारी ने दी सिविल लाइंस थाने में तहरीर, ठगी की घटना की तह तक जाने में जुटी साइबर क्राइम पुलिस
मुरादाबाद, अमृत विचार। साइबर ठगों का जाल घना होता जा रहा है। जाल में फंसने से वह लोग भी नहीं बच रहे, जिन्हें विभिन्न प्लेटफार्मों पर लगातार जागरूक किया जा रहा है। ऐसी ही एक गफलत के शिकार बने मुरादाबाद के एसीएमओ को साइबर ठगों ने शनिवार को अप्रैल फूल बना दिया। एसीएमओ के बैंक खाते की गुप्त सूचनाएं हथियाने के बाद ठगों ने उन्हें तीस हजार रुपये का चूना लगा दिया।
साइबर क्राइम पुलिस ठगों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। गाजियाबाद निवासी डॉ. विश्राम सिंह मुरादाबाद में एसीएमओ के पद पर कार्यरत हैं। एसीएमओ ने बताया कि शनिवार सुबह करीब 11:10 बजे उनके मोबाइल में वाट्सएप पर एक मैसेज मिला। जिस नंबर से मैसेज मिला, उसकी डीपी पर सीएमओ डॉ. मिलिंद चंद्र गर्ग की तस्वीर चस्पा थी।
तब एसीएमओ ठाकुरद्वारा में थे। मैसेज के जरिए सीएमओ ने आपात परिस्थित में उनसे 35 हजार रुपये ऑनलाइन देने को कहा। एसीएमओ साइबर ठगों की जाल में फंस गए। उन्होंने गूगल पे से तीन बार में तीस हजार रुपये साइबर ठगों द्वारा उपलब्ध कराए गए खाते में ट्रांसफर कर दिए। शेष पांच हजार रुपये भी वह ट्रांसफर करने की कोशिश में जुटे। तभी उन्होंने संबंधित नंबर पर कॉल की। कॉल रिसीव न होने पर एसीएमओ को संदेह हुआ। कुछ ही देर में सीएमओ ऑफिस के अकाउंटेंट सलाउद्दीन उनके पास पहंचे।
उन्होंने बताया कि सीएमओ की डीपी वाले वाट्सएप से मैसेज उनके पास भी मैसेज आया है। मैसेज करने वाला रुपये मांग रहा है। सीएमओ की तस्वीर का इस्तेमाल साइबर ठग कर रहे हैं। डॉ. प्रशांत समेत करीब आधा दर्जन लोगों को वह हजारों रुपये का चूना लगा चुके हैं। यह सुनते ही एसीएमओ का सिर ठनका। वह सतर्क हो गए। एएसीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने बताया कि सिविल लाइंस व साइबर सेल में तहरीर देकर ठगी की जानकारी दी गई है। प्रभारी निरीक्षक सिविल लाइंस गजेंद्र सिंह ने बताया कि साइबर सेल ठगी की जांच कर रही है।
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