चिकित्सा उपकरण की खरीद के लिए सरकारी एजेंसी की सेवा लेने पर विचार कर रहा एम्स 

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Edited By Amrit Vichar
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नई दिल्ली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), दिल्ली के प्रशासन ने एक समिति गठित की है, जो चिकित्सा उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में तेजी लाने में मदद करने और कर्मचारियों को खरीद संबंधी गतिविधियों से मुक्त करने के लिए किसी सरकारी एजेंसी या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पीएसयू) की सेवा लेगी।

हाल ही में जारी एक कार्यालय ज्ञापन के अनुसार, 10 सदस्यीय समिति खरीद सहायता एजेंसी के तौर पर किसी सरकारी एजेंसी या पीएसयू की सेवा लेने के फायदों और तौर-तरीकों की पड़ताल करेगी। एम्स के निदेशक डॉ. एम श्रीनिवास ने कहा कि आमतौर पर भंडारण और खरीद का काम एक जैसे कर्मचारी ही संभालते हैं, जो सुशासन के अनुसार नहीं है।

ज्ञापन में डॉ. श्रीनिवास के हवाले से कहा गया है कि आमतौर पर बाहर से भर्ती किए गए कर्मचारी खरीद प्रक्रिया को संभालते हैं, जो उचित नहीं है। भंडार कर्मियों की संख्या सीमित है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में अंतरिम व्यवस्था के तौर पर खरीद का काम प्रशासनिक कैडर के कर्मी संभालते हैं, जो खरीद के मामलों में औपचारिक रूप से प्रशिक्षित नहीं होते हैं। एम्स प्रशासन ने बताया कि कुछ मामलों में कुछ विभागों और भंडार गृहों में खरीद संसाधनों की कमी के कारण खरीद प्रक्रिया दो साल से लंबित है। 

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