बिहार : रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव को लेकर विपक्ष ने विधानसभा के बाहर किया विरोध प्रदर्शन
बिहार। बिहार में रोहता के सासाराम में एक फिर एक बम धमाके की खबर सामने आई। स्टेशन हाउस ऑफिसर संतोष कुमार ने बताया, हमें लोगों द्वारा बताया गया कि किसी चीज की आवाज आई है। घटना स्थल पर पहुंचने पर पता चला कि वहां पटाखा जैसी कुछ आवाज आई थी। इसके अतिरिक्त कुछ विशेष बात नहीं है।
राज्य में रामनवमी की शोभायात्रा के दौरान हुए पथराव को लेकर विपक्ष ने पटना में विधानसभा के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। नालंदा में शशांक शुभंकर (जिलाधिकारी, बिहार शरीफ) ने कहा, शहर की स्थिति सामान्य है, कोई बड़ी घटना नहीं हुई है। सभी दुकाने धीरे-धीरे खुल रही है। लोग भी बाहर निकल रहे हैं। हम 144 के बोर्डर पर सुरक्षा कड़ी करके रखी है ज़रुरत पर बाहर निकलने वालों को रोका नहीं जा रहा है। संवाद के माध्यम से लोगों को जागरुक किया जा रहा है। बिहार शरीफ के नालंदा में हुई हिंसा के बाद बाज़ार कई दिन बाद खुले हैं। हिंसा होने के बाद बिहारशरीफ में धारा 144 लगाई गई थी।
अशोक मिश्रा (एसपी, नालंदा) ने बताया कि अभी स्थिति नियंत्रण में है। हादसे में एक की मृत्यु हुई है, 77 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दोषियों पर कार्रवाई होगी। हम लगातार गश्ती कर रहे हैं। 3 पैरामिलिट्री की कंपनी लगाई गई है। हमारी कोशिश है कि शांति बनी रहे। पुलिस ने समय पर लोगों को बचाया। हम लगातार लोगों से अपील कर रहे हैं कि शांति बनाए रखें। राज्य सरकार ने रामनवमी उत्सव के दौरान हुई हिंसा के बाद नालंदा जिले में इंटरनेट सेवाओं के निलंबन को 4 अप्रैल तक बढ़ा दिया है। बता दें कि रविवार को FSL (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) और बम दस्ते की टीम ने सासाराम के शेरगंज क्षेत्र में बम विस्फोट के बाद घटनास्थल से नमूने एकत्र किए।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि आज बिहार ममता बनर्जी के रास्ते पर चल रहा है। बंगाल को मुस्लिम राष्ट्र बना रहे हैं। ममता बनर्जी खुद बयान दे रही हैं कि रमजान का सम्मान करना चाहिए, यानी ममता बनर्जी को हिंदू धर्म की जगह रमजान ज्यादा प्यारा है। वहां मुख्यमंत्री ने रोहिंग्या और अलगाववादियों के लिए 'रेड कार्पेट' बिछा दिया है, ऐसी स्थिति में वहां हिंदू खुद को असहज महसूस कर रहा है।
सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित
रामनवमी पर विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन के बाद बिहार के कुछ हिस्सों में भड़की हिंसा को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और सत्तारूढ़ महागठबंधन के बीच आरोप-प्रत्यारोपों के चलते बिहार विधानसभा में सोमवार को हंगामे की स्थिति पैदा हो गई, जिसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही दोपहर दो बजे तक स्थगित कर दी।
भाजपा ने महागठबंधन के नेतृत्व वाली सरकार पर सासाराम और बिहारशरीफ शहरों में सांप्रदायिक हिंसा को रोकने में विफल रहने का आरोप लगाया, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन ने पार्टी पर दंगा भड़काने का आरोप लगाया। हंगामे को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी ने सदन की कार्यवाही पूर्वाह्न 11 बजे शुरू होने के 15 मिनट के भीतर ही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।
जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्ष के नेता और अन्य भाजपा सदस्यों ने रामनवमी उत्सव के दौरान हुए दंगे का मुद्दा उठाया। बृहस्पतिवार शाम से शुरू हुआ दंगा शुक्रवार तक जारी था। इसकी वजह से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को सासाराम की अपनी यात्रा रद्द कर दी। हालांकि, जल्द ही महागठबंधन के सदस्यों ने विपक्षी सदस्यों का विरोध किया और भाजपा-आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) पर दंगे में शामिल होने का आरोप लगाया।
उन्होंने रविवार को नवादा जिले में एक रैली में शाह द्वारा की गई एक टिप्पणी की भी निंदा की, जिसमें उन्होंने दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई का संकल्प जताते हुए कहा था कि अगर राज्य में उनकी पार्टी सत्ता में आती है तो दंगाइयों को उल्टा लटका दिया जाएगा। प्रशासन अब तक कहता रहा है कि सासाराम और बिहारशरीफ शहरों में हुए दंगे में कोई हताहत नहीं हुआ है।
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