लखीमपुर-खीरी: पुलिस की लापरवाही पर पासी समाज ने बैठक कर जताया रोष
गिरफ्तारी न होने पर एसपी कार्यालय का घेराव करने का किया ऐलान
लखीमपुर-खीरी, अमृत विचार। दस दिन पहले थाना नीमगांव के गांव रामपुर निवासी प्रदीप भार्गव की मौत मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से पासी समाज के लोगों में आक्रोश है। समाज के लोगों ने मंगलवार को गांव में बैठक कर पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचायत में निर्णय लिया गया है कि यदि पुलिस 48 घंटे के भीतर गिरफ्तारी न होने पर एसपी कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
थाना नीमगांव के गांव रामपुर निवासी बीएससी द्वितीय वर्ष का छात्र प्रदीप भार्गव 26 मार्च की शाम करीब सात बजे घर से निकला था। उसके बाद वह देर शाम तक घर वापस नहीं लौटा था। इसी बीच उसके घर पुलिस पहुंच गई और छात्र के पिता और भाई को पकड़कर थाने ले गई थी, जहां दोनों को आधी रात तक पुलिस ने बैठाए रखा। तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक का कहना था कि युवती के पिता ने छात्र के खिलाफ छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिस पर उसके पिता और भाई को थाने पर बैठाया गया था।
बाद में ग्राम प्रधान के हस्तक्षेप पर उन्हें छोड़ा गया। सुबह तलाश के दौरान छात्र का शव गांव के पश्चिम करीब एक किलोमीटर दूर नाले के किनारे पेड़ से लटका मिला था। मृतक के परिजन प्रेम प्रसंग के चलते गांव की ही युवती के परिवार वालों पर हत्या कर शव लटकाने का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की थी। जब पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने लगे तो पुलिस हरकत में आ गई और खुद की गर्दन फंसती देख आनन-फानन में युवती के परिवार के चार लोगों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी।
हालांकि पुलिस की लापरवाही उजागर होने पर एसपी ने तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अवधेश कुमार यादव को हटा दिया था। पुलिस अभी तक आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। इससे पासी समाज के लोगों में खासी नाराजगी है। मंगलवार को समाज के तमाम लोगों ने गांव में पंचायत की और मौत मामले में शुरुआत सी की गई लापरवाही पर पुलिस की आलोचना की। समाज ने बैठक में निर्णय लिया है कि यदि पुलिस 48 घंटे के भीतर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर जेल नहीं भेजती है तो पासी समाज एसपी कार्यालय का घेराव कर धरना-प्रदर्शन करेगा। इसकी सूचना भी समाज के लोगों ने पत्र भेजकर एसपी गणेश प्रसाद साहा को दी है। बैठक में संजय कुमार, जेके राज, राधेश्याम, सुरेश कुमार, तेजपाल, श्रीकृष्ण, रामनिवास, मनोज कुमार आदि थे।
दुपट्टा, नाखूनों में भरी मिट्टी और हाथ में लगे पेंट का रहस्य बरकरार
छात्र प्रदीप भार्गव का शव गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर नाले के पास पेड़ से लटका बरामद हुआ था। उसके गले में दुपट्टे का फंदा कसा हुआ था और नाखूनों में मिट्टी भरी थी। साथ ही उसके हाथों के पंजे पर पेंट लगा हुआ था। परिजनों का कहना था कि दुपट्टा उनके घर का नहीं था। नाखून में मिट्टी भरे और हाथ के पंजे पर पेंट लगा होने पर परिवार वालों ने हत्या का आरोप लगाया था, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी थी। हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हैंगिंग बताई गई थी। परिवार वाले पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर सवाल उठा रहे हैं। खास बात यह है कि पुलिस अभी तक दुपट्टा किसका है और उसके पास कैसे पहुंचा। नाखूनों में मिट्टी और हाथ के पंजे में पेंट कहां से आया, इस रहस्य से पर्दा नहीं उठा सकी है। जबकि परिवार वालों का दावा है कि दुपट्टा आरोपियों के घर का है।
आत्महत्या के उकसाने की रिपोर्ट दर्ज है। सभी बिंदुओं पर अभी पुलिस की गहराई से जांच चल रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी- अजीत कुमार एसओ नीमगांव।
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