आधुनिक भारतीय इतिहास की शुरुआत 2014 से होनी चाहिए : कपिल सिब्बल ने किया कटाक्ष

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

नई दिल्ली। कांग्रेस के सीनियर लीडर और राज्यसभा के सदस्य कपिल सिब्बल ने 12वीं कक्षा की राष्ट्रीय शैक्षणिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) की किताबों में से कुछ संदर्भों को हटाए जाने की खबरों को लेकर स्पष्ट रूप से केंद्र सरकार पर कटाक्ष करते हुए बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के भारत के अनुरूप, आधुनिक भारतीय इतिहास 2014 से आरंभ होना चाहिए। एक समाचार पत्र ने खबर दी है कि 12वीं कक्षा की एनसीईआरटी की सामाजिक विज्ञान की पाठ्यपुस्तक से कुछ संदर्भ हटाए गए हैं, जिसके मद्देनजर सिब्बल ने यह टिप्पणी की। 

सिब्बल ने ट्वीट किया, एनसीईआरटी पाठ्यपुस्तकें: हटाए गए विषय- 1) हिंदू मुस्लिम एकता के लिए गांधी के प्रयास, 2) आरएसएस पर प्रतिबंध, 3) गुजरात दंगों से जुड़े सभी संदर्भ, 4) समकालीन भारत में सामाजिक आंदोलन में तब्दील होने वाले प्रदर्शन। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, मोदी जी के भारत के अनुरूप, आधुनिक भारतीय इतिहास 2014 से शुरू होना चाहिए...। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 2014 में सत्ता में आई थी। इससे पहले बताया गया था कि उत्तर प्रदेश सरकार ने एनसीईआरटी की संशोधित किताबों को अपने विद्यालयों में चालू सत्र से ही पाठ्यक्रम में शामिल करने का फैसला किया है, जिसमें 12वीं कक्षा की इतिहास की किताबों से मुगल बादशाह और दरबारों के अंश हटा दिये गए हैं। 

ये भी पढ़ें : Uttar Pradesh में 6 IAS के तबादले, रामयज्ञ मिश्र बने विशेष सचिव चिकित्सा शिक्षा  

संबंधित समाचार