बांदा: राष्ट्रपति ने जल योद्धा को पद्मश्री से किया सम्मानित
बांदा, अमृत विचार। जल संरक्षण की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल योद्धा उमाशंकर पांडेय को नई दिल्ली में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने बुधवार को पद्मश्री से सम्मानित किया। जिससे बुंदेलखंड का गौरव और बढ़ गया। मेड़बंदी यज्ञ को भूदान यज्ञ की तरह पूरे देश में फैलाने वाले उमाशंकर पांडेय ने पुरखों की मेड़बंदी को आधार बनाकर सामूहिक प्रयास से इस दिशा में अभूतपूर्व कार्य किया। राष्ट्रपति ने ट्विटर पर उनकी फोटो के साथ इसे साझा किया।
जनपद के एक छोटे से गांव जखनी के दिव्यांग उमाशंकर पांडेय को बुधवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने नई दिल्ली में पद्मश्री सम्मान देकर गौरव बढ़ाया। उमाशंकर पांडेय को यह गौरव मिलने से जनपद ही नहीं बुंदेलखंड के साथ पूरा देश गौरवांवित है। उन्होंने बिना किसी सरकारी सहायता या स्वयं सेवी संस्था का गठन किए करीब 30 वर्ष पहले जल संरक्षण की मुहिम अकेले चलाई थी। बाद में उसमें लोग जुड़ते गए और कारवां बन गया।
जखनी गांव से खेत पर मेड़ और मेड़ पर पेड़ अभियान शुरू किया और आसपास के गांवों के लोगों ने वर्षा जल संरक्षण के लिए मेड़बंदी यज्ञ अभियान से जोड़ना शुरू कर दिया। जिले के पिछड़े गांव जखनी में जन्मे उमाशंकर पांडेय का जीवन बचपन से संघर्षमय रहा। दिव्यांगता को मात देकर सादा जीवन जीने वाले उमाशंकर पांडेय संकल्प के धनी और कर्तव्य निष्ठ हैं। तीस वर्षों की तपस्या का फल उन्हें दिया गया है।
यह भी पढ़ें:-लखनऊ: एलडीए के नाम से डॉक्टरों को धमकी, मांगे 10-10 लाख
