बरेली: शिक्षकों को 15 हजार मासिक आपदा राशि के लिए भरी हुंकार
बरेली, अमृत विचार। वित्तविहीन (निजी) विद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षक आर्थिक संकट में हैं। मार्च माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। संचालकों का तर्क है कि अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की है। इस कारण संस्थान शिक्षकों का वेतन रोके हैं। तब जब वह ऑनलाइन अध्यापन कार्यों में जी-जान लगाए हैं। यहां …
बरेली, अमृत विचार। वित्तविहीन (निजी) विद्यालय और महाविद्यालयों के शिक्षक आर्थिक संकट में हैं। मार्च माह से उन्हें वेतन नहीं मिला। स्कूल-कॉलेज बंद हैं। संचालकों का तर्क है कि अभिभावकों ने फीस जमा नहीं की है। इस कारण संस्थान शिक्षकों का वेतन रोके हैं। तब जब वह ऑनलाइन अध्यापन कार्यों में जी-जान लगाए हैं। यहां तक कि अब शिक्षकों को विद्यालय आने से भी रोका जा रहा है। माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा ने बुधवार को जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरना प्रदर्शन में यह बातें कहीं।
बरेली-मुरादाबाद शिक्षक खंड के निवर्तमान एमएलसी व महासभा के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार मिश्र के आह्वान पर ‘शिक्षा, शिक्षक बचाओ आग्रह आंदोलन’ का आयोजन हुआ। इसे संबोधित करते हुए एमएलसी संजय कुमार मिश्र ने कहा कि प्रदेश के वित्तविहीन शिक्षक मार्च से वेतन न मिलने पर भुखमरी की कगार पर हैं। इनकी अनदेखी करना निंदनीय है। सरकार को चाहिए कि वित्तविहीन शिक्षकों को 15,000 रुपये मासिक आपदा राशि प्रदान करे।
प्रदेश अध्यक्ष अशोक कुाम राठौर, महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष रेनू मिश्रा ने निजी शिक्षकों के साथ भेदभाव को अन्यायपूर्ण बताया। मंडल अध्यक्ष सुधीर यादव ने कहा कि वित्तविहीन शिक्षकों की लगातार अनदेखी दुखद है। महामारी में मानदेय न तो राहत पैकेज की घोषणा हुई। इस दौरान प्रधानमंत्री को संबोधित मांग पत्र डीआइओएस को सौंपा।
इस दौरान कार्यकारी जिलाध्यक्ष मुनीश मिश्रा, जिलाध्यक्ष टीआर गंगवार, प्रवीण सक्सेना, योगेंद्र शर्मा, बृजेश पांडेय, राधेश्याम शर्मा, योगेंद्र शर्मा, डा. एए खान, सुरेंद्र वीर गंगवार, संजीव यादव, प्रेमपाल सिंह, आनंद सैमसन, एम प्रसाद, रामनिवास मिश्रा, दिनेश आनंद, अनुराग पाराशरी, विनीत यादव, सुधाकर वर्मा, देवेंद्र गुप्ता, रमेश चंद्र, प्रेमपाल यादव, शोभाराम प्रजापति, डा. अनवर हुसैन, विजय बहादुर सक्सेना, सूरज पाल गंगवार आदि उपस्थित रहे।
