हरदोई: संत कृपाल आश्रम में फर्जी बैठक में कार्यकारिणी चुनाव का आरोप, अध्यक्ष ने दर्ज कराई रिपोर्ट
हरदोई, अमृत विचार। संत कृपाल आश्रम में कुर्सी की रार छिड़ चुकी है। वहां के अध्यक्ष ने दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि फर्ज़ी तरीके से बैठक कर कार्यकारिणी का चुनाव कर लिया गया। आश्रम से जुड़े लोगों ने सिर्फ धोखाधड़ी ही नहीं की, उनकी हत्या तक कराने तैयारी कर रखी है। इस बारे में इलाकाई पुलिस से सब-कुछ बताया गया,लेकिन दबाव के चलते उसने कुछ भी एक्शन नहीं लिया। इसके बाद कोर्ट में अर्ज़ी दाखिल की गई। कोर्ट के आदेश पर सण्डीला पुलिस ने फर्ज़ीवाड़ा और धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज किया है।
सण्डीला के संत कृपाल नगर के देवेन्द्र सरोग्लो पुत्र लुक्स सरोग्लो ने मॉडल टाउन कपूरथला सिटी पंजाब की देखदेव कौर पत्नी बीएस मोनी,संत कृपाल नगर की डा.वंदना शुक्ला पत्नी जगदीश लाल शुक्ल,निशा पुत्री कृष्ण मुरारी गुप्ता,डा.सुधा गर्ग पत्नी डा.आईपी गर्ग,राज सिंह पुत्र अमर सिंह,सतीश सिंह चौहान पुत्र पृथ्वी सिंह चौहान,शिव नारायण पुत्र बुद्धलाला और अतरौली निवासी रविशंकर अवस्थी पुत्र महाराज अवस्थी ने फर्ज़ी तरीके से आश्रम में बैठक कर कार्यकारिणी का चुनाव कर लिया।
दिव्यानंद स्प्रिचुअल संस्थान संत कृपाल नगर के अध्यक्ष देवेन्द्र सरोग्लो ने कोर्ट को बताया कि 2012 में उन्हें स्वामी दिव्यानंद ने संस्थान का अध्यक्ष बनाया था। उसके बाद फर्ज़ी तरीके से 13 अप्रैल 2012 को कार्यकारिणी की बैठक की गई, उसके बाद 25 अप्रैल 2012 को दोबारा बैठक कर रविशंकर अवस्थी को सदस्य चुन लिया गया। 3 जनवरी 2014 को स्वामी दिव्यानंद का निधन हो गया। देवेन्द्र सरोग्लो का कहना है कि स्वामी दिव्यानंद के निधन के बाद आश्रम के साथ धोखाधड़ी करने के इरादे से 6 जनवरी 2014 को उसी तरह फर्ज़ी बैठक कर डा.सुधा गर्ग को उपाध्यक्ष चुन लिया गया।
अध्यक्ष ने कहा है कि जब वे बेल्जियम से लौटे और उन्होंने इस बाबत बातचीत की तो उनके साथ गाली-गलौज किया गया। शिकायत करने पर पुलिस ने भी कोई ध्यान नहीं दिया। उसके बाद कोर्ट का रास्ता अपनाया गया। कोर्ट के आदेश पर सण्डीला पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ धारा 419/420/467/468/471/504/506 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
