SSR Death Case: सुशांत मामले की जांच के लिए आज मुंबई पहुंचेगी CBI की टीम
नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद गुरुवार को यानि आज सीबीआई की टीम मुंबई पहुंचेगी। टीम में मनोज शशिधर, गगनदीप गंभीर, एसपी नूपुर प्रसाद और एडिशनल एसपी अनिल यादव भी शामिल हैं। सूत्र ने कहा कि मुंबई जाने वाली टीम की अगुवाई …
नई दिल्ली। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद गुरुवार को यानि आज सीबीआई की टीम मुंबई पहुंचेगी। टीम में मनोज शशिधर, गगनदीप गंभीर, एसपी नूपुर प्रसाद और एडिशनल एसपी अनिल यादव भी शामिल हैं। सूत्र ने कहा कि मुंबई जाने वाली टीम की अगुवाई सीबीआई की पुलिस अधीक्षक (एसपी) नूपुर प्रसाद करेंगी। कोविड-19 से जुड़ी मेडिकल रिपोर्ट के साथ वे मुंबई पहुंचेंगे जिसके चलते हफ्ते भर पहले बिहार पुलिस की टीम को परेशानियों का सामना करना पड़ा था।
सूत्र ने यह भी कहा कि सीबीआई की टीम द्वारा मुंबई पुलिस से सारे दस्तावेजों का संग्रह किया जाएगा और वे जांच अधिकारी से भी मिलेंगे जिन्होंने सुशांत मामले को संभाला था। जरूरत पड़ी तो टीम, मुंबई पुलिस के डीसीपी से भी बात करेगी जिनके साथ सुशांत के परिवार ने इस साल फरवरी में अभिनेता की जान को खतरा होने का हवाला देते हुए एक व्हाट्सअप चैट साझा किया था।
सुशांत केस में SC के फैसले की कुछ मुख्य बातें-
न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने 35 पन्नों वाले एक आदेश में कहा, “यह सुनिश्चित करने का प्रयास करना चाहिए कि एक स्वतंत्र एजेंसी द्वारा सत्य का पता लगाया जाए, जिसे दोनों राज्य सरकारों द्वारा नियंत्रित न किया जाए।”
शीर्ष अदालत ने महाराष्ट्र सरकार से सीबीआई को सहयोग करने और सभी संबंधित दस्तावेज मुहैया कराने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि आगे कोई भी एफआईआर इस मामले में दर्ज हुई तो सीबीआई उसे भी देखेगी। अदालत ने यह भी कहा कि बिहार को एफआइआर दर्ज करने का अधिकार है। महाराष्ट्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को चुनौती दे सकती है।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय की एकल पीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 को लागू किया, जो अदालत को अपने अधिकार क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति देता है, ताकि जांच का आदेश दिया जा सके।
न्यायमूर्ति ऋषिकेश रॉय ने मामले की निष्पक्ष जांच पर जोर देते हुए कहा कि, ” सुशांत के परिवार, दोस्त और प्रशंसक उत्सुकता से जांच के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं, ताकि चारों ओर फैली सभी अटकलों पर लगाम लगाई जा सके। ”
न्यायमूर्ति रॉय ने कहा कि, ” निष्पक्ष एवं सक्षम जांच में समय की जरूरत है और इसके अपेक्षित परिणाम शिकायतकर्ता के लिए न्याय होगा, जिसने अपना इकलौता बेटा खो दिया।”
