शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर किया कटाक्ष, कहा- सत्ता की लालच में नारे ही नहीं, पिता का सपना भी भूले
जनादेश के सम्मान में बनाई सरकार, काम से देते रहेंगे आरोप का जवाब, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने कहा, सीएम योगी से हुई है बात, अयोध्या में बनेगा बाला साहब के नाम से महाराष्ट्र भवन
अयोध्या, अमृत विचार। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्होंने नारा दिया था कि पहले मंदिर फिर सरकार, लेकिन सत्ता के लोभ में राममंदिर का विरोध करने वालों के साथ सरकार बना ली। जबकि बाला साहब ठाकरे उनका जीवन भर विरोध करते रहे। यही नहीं फिर नारा दिया कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे। बाला साहब का यह सपना मोदी ने पूरा किया। मंदिर भी बनवा दिया और तारीख भी बता दिया। सवाल उठाया कि झूठा कौन साबित हुआ? सत्ता के लालच में उद्धव ने शिवसेना सुप्रीमो अपने पिता की मंशा, अपेक्षा और सपने को दरकिनार कर दिया।
रविवार को वह अपनी कैबिनेट के साथ बाईपास स्थित एक होटल में मीडिया से मुखातिब थे। कहा कि चुनाव में जिन वादों और नारों के साथ महाराष्ट्र में शिवसेना को सत्ता मिली, उसे कुर्सी की खातिर दरकिनार कर दिया। हालांकि उन्होंने जनादेश के सम्मान में आठ-नौ माह बाद फिर से भाजपा-शिवसेना गठबंधन की सरकार बनाई, अब लोगों के चेहरों पर फिर से रौनक लौट आई है। राम और अयोध्या से प्रेरणा व ऊर्जा लेकर वह राम की तरह जनसेवा के लिए जा रहे हैं। लोग आरोप लगाते रहें, हम अपने काम से जवाब देते रहेंगे। यह दलित, युवा, गरीब, किसान, कामगार की सरकार है। इस सरकार में बहुत कुछ हुआ, जो पिछले कई सालों में नहीं हुआ था।
महाराष्ट्र सीएम ने कहा कि हिंदुत्व एक जीवन प्रणाली और सहिषुणता का प्रतीक है। बाला साहब ने कहा था कि गर्व से कहो, हम हिंदू हैं, लेकिन आजादी के बाद से ही हिंदुत्व को लेकर गुमराह किया जा रहा है, क्योंकि लोगों को लगता है कि हिंदुत्व घर-घर पहुंच जाएगा तो उनकी राजनीतिक दुकान व कारोबार ठप हो जाएगा। राममंदिर को लेकर उन्होंने कहा कि 500 वर्षों का लाखों-करोड़ों हिंदू व रामभक्तों का सपना साकार हो रहा है। यह सपना साकार होते देखने का उनको सौभाग्य मिला और अविस्मरणीय रहेगा। पहले आया था तो वहां केवल चबूतरा था लेकिन अब ढांचा खड़ा हो गया है और छत पड़ रही है। 2024 जनवरी में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा भी हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर अयोध्या हमारे और भाजपा के लिए राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि आस्था व श्रद्धा का विषय, हिंदुत्व व अस्मिता का प्रतीक है। मीडिया के एक सवाल पर उन्होंने कहा कि हमारे पास तो राम का तीर-धनुष है, पालघर में साधुओं की हत्या, हनुमान चालीसा पाठ पर जेल, रामराज्य है या रावण राज आप खुद तय कर लीजिए। सीएम ने कहा कि कारसेवा के दौरान हमारे गुरु स्व. आनंद दिघे ने मंदिर निर्माण के लिए चांदी की ईंट भेंट की थी, मैं चंद्रापुर जिले के सागवान लेकर आया हूं। अयोध्या में महाराष्ट्र भवन निर्माण के लिए यूपी के सीएम से बात हुई है। जमीन मिलते ही बाला साहब ठाकरे के नाम से भवन का निर्माण कराया जाएगा।
यह भी पढ़ें:-अयोध्या: ऋंगी ऋषि आश्रम पहुंची 84 कोसी परिक्रमा यात्रा, महंत के नेतृत्व में परिक्रमार्थियों का हुआ स्वागत
