दुस्साहस! सुलतानपुर में बदमाशों ने युवक को दिनदहाड़े मारी गोली, रेफर

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बल्दीराय, सुलतानपुर, अमृत विचार। थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े एक युवक को बाइक सवार तीन बदमाशों ने गोली मार दी। जख्मी युवक को स्थानीय लोग और परिजनों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय में भर्ती कराया गया। जहां से हालत गंभीर होने पर युवक को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस ने घटना को गंभीरता को लेते हुए हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है। घटना बल्दीराय थाना क्षेत्र के पूरे मोती का राम तिवारी का पुरवा मजरे ऐंजर गांव के पास से जुड़ा हुआ है। जहां पर पेट्रोल पंप के पास से प्रदीप सिंह पुत्र बब्बन सिंह निवासी तरड़सा मजरे ऐंजर थाना क्षेत्र बल्दीराय रविवार की सुबह करीब 10 बजे देहली बाजार से घर जा रहे थे। 

इसी बीच बाइक सवार तीन बदमाश बगल से आए और असलहे से फायरिंग करने लगे। गोली लगने से घायल प्रदीप जमीन पर गिर पड़े। फायरिंग की आवाज सुनकर मौके पर हड़कंप मच गया। स्थानीय लोग घटनास्थल की तरफ दौड़े। परिजनों को सूचना दी गई। 

cats

आनन-फानन में पीड़ित और लहूलुहान प्रदीप सिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय लाया गया। बल्दीराय स्वास्थ्य केंद्र और बल्दीराय थाना अगल-बगल होने के चलते पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। 

थानाध्यक्ष अमरेन्द्र बहादुर सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। जल्द हमलावर की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी। 

एसपी ने किया घटनास्थल का निरीक्षण 
एसपी सोमेन बर्मा ने भी घटना स्थल का निरीक्षण किया है। एसपी ने बताया कि पीड़ित प्रदीप की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मेडिकल जांच में प्रदीप को छर्रे लगे हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर है। तीन टीमें लगाई गई है। जल्द ही खुलासा किया जाएगा। 

पुरानी रंजिश को लेकर घटना देख रही पुलिस 
पुलिस की मानें तो जमीन पर कब्जे को लेकर प्रदीप सिंह व कुंवर सिंह के बीच 2 जून 2020 को मारपीट हुई थी, जिसमें कुंवर बहादुर सिंह की हत्या हो गई थी। उसके बाद 21 जुलाई 2020 को उनके विपक्षियों ने प्रदीप सिंह की बेटी श्रद्धा सिंह का हाथ पैर बांधकर जला दिया था। 

अग्निकांड में प्रदीप सिंह की बेटी की मौत हो गई थी और घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन एसपी शिवहर मीणा ने तत्कालीन थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह को लाइन हाजिर कर दिया था। लंबे समय तक परिजनों ने मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। 

मामले में खतौनी की जमीन पर विपक्षियों द्वारा जबरन शव का अंतिम संस्कार किया गया था। जिसे लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए थे। इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों में लंबे समय से रार चली आ रही है। पुलिस भी इसी को लेकर अपनी जांच आगे बढ़ाई है।

यह भी पढ़ें:-शिंदे ने उद्धव ठाकरे पर किया कटाक्ष, कहा- सत्ता की लालच में नारे ही नहीं, पिता का सपना भी भूले

संबंधित समाचार