लखनऊ : भारतीय प्रोस्थोडॉन्टिक्स सम्मेलन में बोले डॉक्टर, कहा- अच्छे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है दांतों को घिसने से बचाना
लखनऊ, अमृत विचार। टूथब्रश और टूथपेस्ट का चुनाव बहुत जरूरी है। गलत चुनाव से दांत घिस सकते हैं,जो आगे चलकर खराब हो जायेंगे। इसके अलावा गुल मंजन का बढ़ता प्रचलन भी मुंह के स्वास्थ्य के लिए बहुत ही खतरनाक है। गुल मंजन की वजह से भी दांत घिसते हैं। यह बातें यूपी डेंटल काउंसिल के सदस्य और केजीएमयू के प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्रो. कमलेश्वर सिंह ने रविवार को भारतीय प्रोस्थोडॉन्टिक्स सम्मेलन के समापन अवसर पर कहीं।
उत्तर प्रदेश दंत परिषद के सदस्य डॉ. कमलेश्वर सिंह ने दिन में दो बार ब्रश करने पर जोर देते हुये कहा कि इससे दांत स्वस्थ रहेंगे और उससे सेहत दुरूस्त रहेगी। उन्होंने कहा कि टूथब्रश और टूथपेस्ट भी मुंह के स्वास्थ्य को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सॉफ्ट ब्रिसल वाले टूथ ब्रश का इस्तेमाल करना चाहिए और इसे 3 महीने के बाद बदल देना चाहिए। टूथपेस्ट Abrasive कण से मुक्त होना चाहिए क्योंकि इससे दांतों में घिसाव और घर्षण होता है।

स्विट्ज़रलैंड से केजीएमयू में हो रहे सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंची डॉ. सारा कदीर ने मुंह की विभिन्न समस्याओं और टी स्कैन से उन दिक्कतों की जानकारी पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि Occlusion यानी की ऊपर और नीचे के दांत जब आपस में समान रूप से एक दूसरे को नहीं छूते हैं बल्कि दांत का कुछ हिस्सा ही दूसरे दांत को छूता है, तो वह हिस्सा तेजी के साथ घिसने लगता है। जिसके बाद उस दांत में रूट कैनाल की जरूरत पड़ती है। वहीं इस समस्या से दांत खराब हो जाते हैं और बाद में टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट (टीएमजे) में समस्या होती है।
आयोजन सचिव डॉ. पूरन चंद और सह-संगठन सचिव डॉ. बालेन्द्र ने प्रतिनिधियों को प्रस्तुतिकरण एवं प्रतिभागिता का प्रमाण पत्र वितरित किया। रोशिता कार्की, दीपशिखा त्रिपाठी, प्रशांत मेहरोत्रा और आकांशा डोभाल ने जीता सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार। सर्वश्रेष्ठ पोस्टर का पुरस्कार रागिनी पांडे और अनिकेत माने ने जीता है। डॉ. रघुवर दयाल सिंह ने भारतीय प्रोस्थोडॉन्टिक्स यूपी राज्य के समापन समारोह और वार्षिक आम सभा की बैठक का संचालन किया।
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