World Homeopathy Day : जानिए कैसे डायलिसिस से छुटकारा दिलाने में कारगर है होम्योपैथी
अमृत विचार, लखनऊ। जब किसी व्यक्ति की दोनों किडनी फेल हो जाती है और उसकी कार्य करने की क्षमता केवल 10 से 15 प्रतिशत रह जाती है तो इस स्थिति में किडनी डिजीज हो जाता है। जिसके कारण उल्टी, थकान, सूजन और सांस फूलने जैसी समस्या होने लगती है। इस स्थिति में विशेषज्ञ डॉक्टर किडनी डायलिसिस की सलाह देते हैं। इसके बावजूद मरीज के बचने की गरंटी नहीं होती है। इस स्थिति में भी होम्योपैथी इलाज कारगर है। होम्योपैथी दवा से मरीज को डायलसिस से छुटकारा मिल सकता। यह कहना है होम्योपैथ डॉक्टर अर्चना श्रीवास्तव का।
उन्होंने बताया कि उनके इलाज से ऐसे भी मरीज ठीक हुए हैं जिनकी किडनी के कार्य करने की क्षमता महज पांच प्रतिशत ही थी और डायलिसिस के सहारे जीवत थे। डॉ. अर्चना का कहना है कि यह कहा जाता है कि होम्योपैथ का इलाज बहुत देरी से फायदा करता है। जबकि यदि बीमारी के शुरुआत में ही लोग होम्योपैथी का इलाज करवाए तो उम्मीद से भी बढ़कर रेस्पॉन्स मिलेगा। यहां तक गैर कैंसर वाले केसों में जिनमें डॉक्टर सीधे सर्जरी कराने की सलाह देते हैं, ऐसे केसों में भी होम्योपैथ रामबाण साबित हुआ है। आज के दौर में साधारण और असाध्य बीमारियों का भी होम्योपैथ में इलाज संभव है। इसके लिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व डॉ. हैनीमैन का कृतज्ञ है, क्योंकि डॉ हैनीमैन ने एक ऐसी चिकित्सा विधा का आविष्कार किया है, जो गंभीर से गंभीर बीमारी को मामूली खर्च में रोगी के शरीर पर बिना कोई साइड इफेक्ट डाले जड़ से खत्म करने वाला है। पहले के मुकाबले अब होम्योपैथी में अनेकों नई दवाएं आ गई हैं। जो किसी भी बीमारी को जड़ से ठीक कर सकती है। महिलाओं व बच्चों के लिए होम्योपैथी रामबाण है बस आवश्यकता इस बात की है कि अपने डॉक्टर पर भरोसा कर समय से चिकित्सक के अनुसार खानपान करें।
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