शाहजहांपुरः जेल गेट पर बंदी की मौत, कांट पुलिस ने आबकारी अधिनियम में भेजा था जेल
शाहजहांपुर, अमृत विचार। आबकारी अधिनियम में जेल भेजे गए युवक की अचानक हालत बिगड़ने पर गुरूवार को मौत हो गई। उसकी हालत जेल में दाखिल होने से पहले जेल गेट पर ही बिगड़ गई। जिला अस्पताल ले जाने पर डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है। कांट के …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। आबकारी अधिनियम में जेल भेजे गए युवक की अचानक हालत बिगड़ने पर गुरूवार को मौत हो गई। उसकी हालत जेल में दाखिल होने से पहले जेल गेट पर ही बिगड़ गई। जिला अस्पताल ले जाने पर डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
कांट के मोहल्ला पट्टी पूर्वी निवासी 26 वर्षीय अवधेश कुमार को कांट पुलिस ने 18 अगस्त को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम में मामला दर्ज कर उसे जेल भेजा था। यहां जेल गेट पर उसका रैपिड एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट कराया गया। जिसमें उसकी कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई लेकिन उसकी हालत ऐसी नहीं थी कि जेल में दाखिल किया जाता। लिहाजा जेल प्रशासन ने उसे जेल में लेने से मना कर दिया। वहीं पुलिस जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
जहां उसे भर्ती कर लिया गया। दो दिन तक चले इलाज के बाद हालत में कुछ सुधार होने पर उसे जिला अस्पताल से गुरूवार सुबह दस बजे डिस्चार्ज कर दिया गया। पुलिस उसे लेकर पोस्टमार्टम हाउस के पास बनी अस्थाई जेल में दाखिल करने पहुंची लेकिन जेल में दाखिल होने से पहले उसकी हालत फिर बिगड़ गई और वह वहीं
जेल गेट पर बेहोश होकर गिर पड़ा। जेल अस्पताल के डाॅक्टर ने उसे जेल गेट पर देखा और इसके बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां 12ः35 बजे उसे डाॅक्टर ने मृत घोषित कर दिया। जेल प्रशासन के मुताबिक वह शराब पीने का आदी था। बिना शराब नहीं रह सकता था। इसलिए उसकी हालत बिगड़ी और संभवतः इसी वजह से उसकी मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
अवधेश को कांट पुलिस ने 18 अगस्त को आबकारी अधिनियम में जेल भेजा था। यहां उसका जेल गेट पर एंटीजन किट से कोरोना टेस्ट कराया गया था। जिसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी। लेकिन शराब का आदी होने की वजह से उसकी हालत खराब थी। लिहाजा उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां से गुरूवार को डिस्चार्ज कर दिया गया था लेकिन यहां जेल गेट पर उसकी फिर हालत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल भेजा गया। जहां डाॅक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। – राजेश कुमार राय, जेलर
