लखनऊ: सृष्टि अपार्टमेंट की लिफ्ट में फंसा बुजुर्ग, मदद के लिए चिल्लाता रहा, आधे घंटे बाद लोगों ने खींचकर निकाला
लखनऊ, अमृत विचार। सृष्टि अपार्टमेंट की लिफ्ट खराब होने से एक बुजुर्ग फंस गया। जिसकी आवाज सुनकर लोगों ने आधे घंटे बाद खींचकर निकाल पाया। वहीं, 8 अप्रैल को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग (आईसीडीएस) की उप निदेशक भी दो घंटे फंसी रहीं। जिन्होंने खुद रेस्क्यू कर अपने को बाहर निकाल पाया।
मंगलवार सुबह जानकीपुरम् स्थित सृष्टि अपार्टमेंट की लिफ्ट खराब होने से बी ब्लॉक छठवीं मंजिल में रहने वाले 63 वर्षीय विजय कुमार सिंह फंस गए। वह टहलकर अपने फ्लैट में आ रहे थे और लिफ्ट में साइकिल समेत फंस गए। उनके काफी चिल्लाने पर कोई मदद नहीं मिली। मोबाइल पर नेटवर्क भी नहीं आया। वह लिफ्ट का दरवाजा हाथ से ठोंकते रहे। इससे आसपास लोगों को जानकारी हुई और सुपरवाइजर की मदद से आधे घंटे बाद लिफ्ट से खींचकर उन्हें निकाला गया।
वहीं, 8 अप्रैल को बी ब्लॉक की आठवीं मंजिल में रहने वाली आईसीडीएस की उप निदेशक आशा सिंह भी दो घंटे से ज्यादा लिफ्ट में फंसी रहीं। वह दूध लेकर आ रहीं थी। इस बीच पांचवीं मंजिल में लिफ्ट रुक गई। मोबाइल पर नेटवर्क नहीं आया। इससे फोन नहीं कर पाईं। उन्होंने अलार्म बजाया और कैमरे की तरफ हाथ से इशारा कर मदद मांगी। लेकिन, कोई मदद नहीं मिली। वह दो घंटे तक चिल्लाती रहीं। ऐसे में उन्होंने अपने फ्लैट की चाबी कई बार लगाकर थोड़ा से दरवाजा खोला और हाथ-पैर से दोनों दरवाजे कड़ी मशक्कत कर खोल लिए और लिफ्ट से कूदकर निकल आईं। उन्होंने एलडीए के रखरखाव पर सवाल उठाते हुए उपाध्यक्ष से लिखित शिकायत की है।
एक दूसरे पर तकनीकी खराबी का झाड़ा पल्ला
रेजीडेंट वेलफयेर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के सदस्य विवेक शर्मा ने यह आयेदिन की घटना बताई। जिसका जिम्मेदार एलडीए को ठहराया। उन्होंने बताया कि लिफ्ट का रखरखाव करने वाली कंपनी के इंजीनियरों को बुलाया तो बिजली की समस्या बताई। फिर बिजली विभाग इंजीनियरों को बुलाकर परीक्षण कराया, जिसमें बिजली की खराबी नहीं निकली। अधूरे कार्य व एनओसी न होने के कारण लिफ्ट हैंडओवर नहीं ले रहें हैं।
सृष्टि अपार्टमेंट की लिफ्ट आरडब्ल्यूए हैंडओवर नहीं ले रहा है। इसलिए समस्या है। आरडब्ल्यूए के हैंडओवर से बेहतर देखरेख हो सकेगी ...डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष, एलडीए।
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