Kanpur News : जरायम का दूसरा नाम पप्पू स्मार्ट, पिता गांठते थे जूते-चप्पल, बेटे ने ऐसे बनाई करोड़ों की संपत्ति
कानपुर में पप्पू स्मार्ट ने करोड़ों की संपत्ति अर्जित की।
जरायम का दूसरा नाम पप्पू स्मार्ट है। पिता जूते-चप्पल गांठते थे। अपराधी चार बेटों ने जमीन कब्जा कर करोड़ों की संपत्ति बनाई। वर्ष 2020 में पिंटू सेंगर हत्याकांड में भी नाम सामने आया था।
कानपुर, [ गौरव श्रीवास्तव]। पप्पू स्मार्ट का नाम जुबां पर लेते ही जरा हिचक सी लगती है। लेकिन हकीकत यही है, कि वर्षों पहले जूते-चप्पल गांठने का काम करने वाले के बेटे के पास वर्तमान में करोड़ों की अकूत संपत्ति है। वह सब जरायम की अवैध कमाई से है। तकरीबन 23 वर्ष पहले इसके पिता मोची का काम किया करते थे।
धीरे-धीरे पप्पू और इसके भाइयों ने अपराध की दुनिया में कदम रखा तो राजनीतिक संरक्षण मिलने की वजह से वह आगे ही बढ़ता चला गया। इस दौरान जो भी उसके सामने आया इसने उसे बेरहमी के साथ चुप करा दिया।
आसिम उर्फ पप्पू स्मार्ट के जरायम की कुंडली खंगाली तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। इस समय पप्पू स्मार्ट और इसके भाइयों के पास करोड़ों की संपत्तियां हैं, लेकिन आज से 23 वर्ष पहले पप्पू स्मार्ट और उसके चारों भाई आमिर बिच्छू, शोएब पप्पी और तौसीफ कक्कू अपने पिता मोहम्मद सिद्दीकी की हरजेंदर नगर चौराहे पर स्थित मोची की दुकान पर बैठकर हाथ बटाते थे।
पप्पू का मामा रियाजुद्दीन और छज्जू कबूतरी अनवरगंज का हिस्ट्रीशीटर था और अपने जमाने में बड़ा ड्रग्स तस्कर माना जाता था। छज्जू कबूतरी से ही चारों भाइयों ने अपराध का ककहरा सीखा। सबसे पहले इसका शिकार घर के सामने रहने वाला एक सिख परिवार हुआ। चारों भाइयों ने अपने मामा की मदद से उस सरदार परिवार को प्रताड़ित करना शुरू किया।
ऐसे सिख परिवार घर छोड़कर पंजाब पलायन कर गया। इस मकान पर पप्पू और उसके चारों भाइयों ने कब्जा कर जूते का शोरूम खोला, जिसका नाम रखा स्मार्ट शू हाउस। दुकान की वजह से आसिम उर्फ पप्पू का नाम पप्पू स्मार्ट पड़ गया।
विवादित जमीनों पर कब्जा करना था चारों भाइयों का पेशा
इसके बाद तो चारों भाइयों ने पीछे मुड़कर नहीं देखा। इनका मुख्य व्यवसाय विवादित जमीनों पर कब्जा करना। एक के बाद एक इन चारों भाइयों ने जाजमऊ, हरजेंदर नगर व अन्य क्षेत्रों में दर्जनों की संख्या में अवैध संपत्तियों पर कब्जा कर बड़ा कारोबार खड़ा कर लिया। दिखावे के लिए इन्होंने चमड़ा कारोबारी का चोला ओढ़ा, लेकिन असलियत इससे बिल्कुल विपरीत है। इसका उत्तर पप्पू स्मार्ट की क्राइम हिस्ट्री देती है, जिसमें उसके खिलाफ रंगदारी हत्या के प्रयास के कई मुकदमे दर्ज हैं। धोखाधड़ी के भी आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमा विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज हैं। आपराधिक गतिविधियों से करोड़ों की संपत्ति अर्जित करने की वजह से ही पूर्व में आईजी के पद पर तैनात रहे आलोक सिंह एवं तत्कालीन एसपी अनुराग आर्य ने गैंगस्टर के तहत पप्पू स्मार्ट पर कार्रवाई की और इसकी तमाम संपत्तियों को सीज भी किया था। थाना चकेरी में पप्पू स्मार्ट का हिस्ट्रीशीट नंबर 1376 ए है। इसके खिलाफ एक गैंग भी पंजीकृत है जिसे डी 123 के नाम से जाना जाता है, इसका मुखिया पप्पू स्मार्ट ही है। जेल जाने के बाद से पप्पू स्मार्ट का बेटा जैन कालिया गिरोह की कमान संभाल रहा है। जैन कालिया के खिलाफ भी आधा दर्जन से जयादा मुकदमे दर्ज हैं। जो कई वर्षों से वह फरार चल रहा था।
22 वर्ष पहले कोहना में पहला मुकदमा
पप्पू स्मार्ट के खिलाफ पहला मुकदमा वर्ष 2001 में कोहना थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था। उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 336, 436 व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। इसमें सबसे गंभीर धारा 436 है, जिसमें किसी भी उपासना स्थल या घर को विस्फोट से उड़ा देना या आग से जला देने का अपराध बनता है। दोषी पाए जाने पर अपराधी को 10 वर्ष के आजीवन कारावास की सजा सुनाई जा सकती है। सपा शासनकाल में पप्पू स्मार्ट को पूरा राजनीतिक संरक्षण मिला, यहां तक कि पुलिस विभाग में तैनात कई आईपीएस पप्पू स्मार्ट के मुरीद बने। थाना पुलिस का भी पूरा संरक्षण प्राप्त रहा।
आम लोगों को नहीं किया प्रताड़ित, राजा ययाति के किले पर कब्जा
पप्पू स्मार्ट और उसके भाइयों ने आम लोगों को ही प्रताड़ित नहीं किया। बल्कि सरकारी संपत्तियों पर भी कब्जा किया। तमाम सरकारी संपत्तियों को इन्होंने बेच डाला। इसीलिए पप्पू स्मार्ट को भूमाफिया की सूची में भी शामिल किया गया। उसके द्वारा सबसे बड़ा कारनामा राजा ययाति के किले पर कब्जा करना है। राजा ययाति के किले पर अवैध कब्जा और उसके भूभाग को अपना बताकर दूसरों को बेचने के आरोप में पप्पू स्मार्ट के खिलाफ चकेरी थाने में मुकदमा भी दर्ज हुआ था।
तीन वर्ष से जेल में बंद है कुख्यात पप्पू
पिंटू सेंगर की 20 जून वर्ष 2020 को चकेरी थाना क्षेत्र में उस वक्त गोली मारकर हत्याकर दी गई थी, जब वह जमीन संबंधी विवाद की पंचायत करने जा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पप्पू स्मार्ट समेत 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पप्पू स्मार्ट से पिंटू सेंगर की पुरानी दुश्मनी थी। पप्पू ने पिंटू के कई दुश्मनों को एकत्र करके 40 लाख रुपये की सुपारी देकर बाहर से शूटर बुलवाए और हत्याकांड को अंजाम दिया था। पुलिस ने मार्च वर्ष 2021 में पप्पू स्मार्ट, आमिर बिच्छू, तनवीर बादशाह, सऊद अख्तर, महफूज अख्तर, टायसन, हैदर सैफी, सलमान बेग, एहसान कुरैशी, गुलरेज, फैसल कुरैशी, अनीस, श्याम सुशील मिश्रा को नामजद करते हुए पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था। इनमें से कुछ जमानत पर चल रहे हैं।
पप्पू स्मार्ट के बेटे जैन कालिया को पुलिस ने दबोचा
अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत जाजमऊ थाना पुलिस ने गश्त और चेकिंग के दौरान मुखविर की सूचना पर कुख्यात अपराधी पप्पू स्मार्ट के 25 हजार के इनामी पुत्र जैन आसिम उर्फ कालिया निवासी 590 गल्ला गोदाम हाल पता हरजेन्दर नगर लाल बंगला थाना चकेरी को गिरफ्तार किया है। अभियुक्त जैन आसिम उर्फ कालिया के ऊपर शहर के विभिन्न थानों में लगभग एक दर्जन अभियोग पंजीकृत है। आरोपी जैन आसिम उर्फ कालिया के ऊपर चकेरी व कोतवाली में मुकदमे दर्ज हैं। आरोपी काफी समय से फरार चल रहा था। पिता पप्पू स्मार्ट ने बसपा नेता व भूमाफिया पिंटू सेंगर की हत्या की थी। जिसके जेल जाने के बाद से उसका पुत्र गिरोह की कमान संभाले था। आरोपी इनामिया को पकड़ने में प्रभारी निरीक्षक रामबाबू सिंह, उप निरीक्षक सोनू पोसवाल, प्रवीण कुमार शामिल रहे।
