Interview: IIT के प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल बोले- 'कोरोना से ना डरें, एहतियात बरतें', भीड़-भाड़ में जाने से बचे

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

कानपुर आईआईटी के प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि कोरोना से न डरकर एहतियात बरतें।

कानपुर आईआईटी के प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल ने कहा कि कोरोना से न डरकर एहतियात बरतें। भीड़-भाड़ में जाएं तो मास्क जरूर लगाएं। 6 प्रतिशत नेचुरल इम्युनिटी कम हुई है। आईआईटी में हर दिन मॉनिटरिंग हो रही।

कानपुर, [महेश शर्मा]। निकाय चुनाव के माहौल में कोरोना के बढ़ते केस से ख़ौफ़ का माहौल है। भीड़- भाड़ वाले इलाकों में लोग मास्क लगाए दिख जाते हैं। हालांकि आईआईटी के वरिष्ठ वैज्ञानिक पद्मश्री प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल मानते हैं कि हालात बहुत ज्यादा खतरनाक नहीं हैं। एहतियात बरतिए। ओमिक्रोन का नया वेरिएंट संक्रमण रोग से लड़ने की क्षमता को कम कर रहा है,पर यह घातक नहीं है। कोरोना पर अपनी टीम के साथ विशेष अध्ययन करने वाले  प्रो.मणीन्द्र अग्रवाल से अमृत विचार ने विस्तृत बातचीत की, जिसके प्रमुख अंश इस प्रकार हैं।

सवाल- निकाय चुनाव का समय है और कोरोना बढ़ रहा है। इस पर आपकी राय?
जवाब- सही है कि कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है और ओमिक्रोन का नया वैरिएंट सिर उठा है। पर जो इसके प्रभाव में आ रहे हैं वे जल्दी ठीक भी हो रहे हैं। टीके की डोज़ लेने वाले सुरक्षित हैं। 

सवाल- कोरोना का फिर से मुंह उठाना क्या नेचुरल इम्युनिटी कम होने के संकेत है?
जवाब- हो सकता है। पर जैसा मैंने आपसे कहा कि करीब 94 प्रतिशत ऐसे लोग हैं जिनकी नेचुरल इम्युनिटी पर कोई असर नहीं हैं, जिन्हें कोरोना चपेट में ले रहा है । वे ठीक भी हो रहे हैं। सीजनल बुखार की तरह आएगा और चला जायेगा।

सवाल- कोरोना पर आपका कोई ताज़ा विश्लेषण ?
जवाब- इतने मामले हैं कि हमारा गणितीय मॉडल के सांचे में वह फिट हो। वैसे यह कार्य चलता रहता है। शुरुआती विश्लेषण से स्पष्ट है की अबकी मई से केस बढ़ सकते हैं। पर उसके अगले महीने यह स्पीड मेंटेन रहेगी।

सवाल- क्या कोरोना के मामले बढ़ना चिंताजनक नहीं है?
जवाब-आपको पहले भी बताया था, कि 10 गुना भी बढ़ जाये तो भी बहुत चिंताजनक नहीं है। यूपी के किसी भी जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या सौ भी नहीं है। यह भी एक फ्लू है तो प्रभाव भी दिखेगा। 

सवाल- तो क्या कोरोना मौसमी बीमारी...?
जवाब- यह कहना गलत होगा। कौन सा वैरिएंट कब आकर खतरा बन जाये, यह कहना जरा मुश्किल है। फिलहाल मरीज पहले की तरह गम्भीर अवस्था मे नहीं हैं। बस इतना जान लें समय पर डॉक्टर को दिखाएं दवाई खाएं। 

सवाल- निकाय चुनाव को देखते हुए क्या कोरोना प्रोटोकॉल फॉलो करने की आवश्यकता है?

जवाब- इंडियंस में नेचुरल इम्यूनिटी ठीक है। पर कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करना चाहिए। निकाय चुनाव भीड़ वाली जगह में तो मास्क अनिवार्य रूप से लगाएं। 

ऐसे करते हैं अध्ययन

प्रो. मणीन्द्र अग्रवाल की रिपोर्ट तीसरी लहर में भी अमेरिका और ब्रिटेन के लिए भी सही साबित हुई थी। उन्होंने और उनकी टीम ने कोरोना संक्रमण पर अध्ययन के लिए अपना गणितीय मॉडल ‘सूत्र’ तैयार किया है। संक्रमण को लेकर पूर्वानुमान लगाने के लिए उनकी  टीम कोरोना संक्रमण की शुरुआत से लेकर कोरोना के चरम तक  के आंकड़ों का गहन अध्ययन कर रही है। इसमें तकरीबन एक हफ्ते के केस पर अनुमान लगाते हुए एक मॉडल बनाया जाता है और अंत में परिणाम साझा किए जाते हैं।

संबंधित समाचार