Cyber Fraud: ठगों का नया निशाना निवेशक और पेंशनर्स, फेक पेज बनाकर युवाओं को बना रहे निशाना, आप भी हो जाएं सतर्क

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Edited By Amrit Vichar
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साइबर ठगों का नया निशाना निवेशक और पेंशनर्स है।

साइबर ठगों का नया निशाना निवेशक और पेंशनर्स है। फेक पेज बनाकर युवाओं को निशाना बना रहे। -पुलिस की वेबसाइट से पेंशनर्स की डिटेल निकाल कर ठगी कर रहे। युवा निवेशक कम समय में बड़े मुनाफे के लालच में फंस रहे।

कानपुर, [अभिनव मिश्रा]। साइबर ठगों के निशाने पर अब निवेशक और पेंशनर्स आ रहे हैं। स्टाक मार्केट में कम समय में बड़े मुनाफे का लालच देकर निवेशकों को लाखों की चपत लगाई जा रही है। साइबर ठगों के झांसे में आकर अधिकांश युवा निवेशक इनकी चपेट में आ रहे हैं। इसी के साथ पेंशनर्स को पेंशन रूकने का भय दिखाकर साइबर ठग उनसे लाखों की ठगी कर रहे हैं।
 
पांच से छह दिन में लखपति बनने का सपना दिखाकर स्टॉक मार्केट में पैसा लगाने वाले निवेशकों को साइबर ठग अपना शिकार बना रहे हैं। अधिकांश युवा निवेशक इनके झांसे में आकर ठगी का शिकार हो रहे हैं। स्टाक मार्केट में फेक वेबसाइट पेज बनाकर साइबर ठग पहले निवेशकों को लुभावने देते हैं। एक हजार रुपये की स्कीम से निवेशकों को पहले निवेश कराया जाता है। कुछ ही घंटों में निवेशकों का पैसा दोगुना कर दिया जाता है।
 
इसके बाद निवेशकों से खाते से पैसा निकालने का जोर दिया जाता है। कुछ ही समय में पैसा दोगुना होने की लालच में निवेशक झांसे में आकर ज्यादा रकम निवेश करने करने लगते हैं। पांच से छह दिन के अंतराल के बाद साइबर ठगों द्वारा ज्यादा पैसा लगाने पर ज्यादा मुनाफे का झांसा निवेशकों को दिया जाता है। बड़ी रकम निवेश करने के बाद दोगुनी होने पर जब निवेशक पैसा फ्राड कंपनी से पैसों की मांग करता है तो कंपनी के दिशा निर्देशों का हवाला देकर साइबर ठगों के द्वारा कंपनी के चार्ज देने की बात कही जाती है।
 
कंपनी के चार्ज देने के बाद भी निवेशक का पैसा न मिलने पर ठगी का अहसास होता है। इसी के साथ ही पुलिस विभाग के पेंशनर्स को भी साइबर ठग अपने निशाने में ले रहे है। पेंशन रुकने का झांसा देकर उनके खाते से लाखों की रकम ऐंठी जा रही है। पुलिस की वेबसाइट से पेंशनर्स की सारी डिटेल निकाल कर साइबर ठग उनसे दस्तावेज अपडेट न होने की बात कह कर आनलाइन दस्तावेज अपलोड कराने की बात कह कर ठगी का शिकार बनाया जाता है।
 
केस एक
 
फर्जी ट्रेजरी अधिकारी बन रिटायर आरक्षी को बनाया निशाना
मूलरुप से औरैया जनपद के सहायल थाना निवासी लज्जाराम फतेहगढ़ से मुख्य आरक्षी के पद से रिटायर हुए थे। मुख्य आरक्षी के मोबाइल पर युवक का फोन आया, जिसने खुद को ट्रेजरी अधिकारी बताकर दस्तावेज अपडेट न होने का झांसा देकर पेंशन रुकने की बात कही। पेंशन रुकने की बात पर उन्होंने अपनी जानकारियां फर्जी ट्रेजरी अधिकारी के साथ साझा की। कुछ समय बाद उनके बैंक के खाते से दस लाख रुपये पार कर दिए गए। धोखधड़ी का अंदेशा होने पर उन्होंने साइबर क्राइम को मामले की जानकारी दी। साइबर क्राइम टीम ने उक्त खाते को सीज करा कर पीड़ित की रकम वापस कराई
 
केस दो
 
फर्जी वेबसाइट बनाकर व्यापारी से 32 लाख की ठगी
बाबूपुरवा थानाक्षेत्र के ढकनापुरवा निवासी मो. अंसारी ने बताया कि फर्जी वेबसाइट में कम समय में ज्यादा मुनाफे के लालच में आकर उन्होंने रकम निवेश कर दी। शुरुआत में फर्जी कंपनी द्वारा लाभ देकर झांसे में लिया गया। इसके बाद साइबर ठगों ने उन्हें मोटी रकम निवेश करने पर ज्यादा फायदा होने का झांसा दिया। बड़ी रकम लगाने के बाद उन्हे लगातार गुमराह किया गया। कंपनी के दिशा निर्देश बता कर उनसे किस्तों में 32 लाख से अधिक की रकम का चूना लगाया गया। संदेह होने पर जानकारी कि तो वेबसाइट पर अंकित पता गलत निकला। मामले की शिकायत साइबर सेल में करने पर साइबर टीम ने पीड़ित का करीब 20 लाख रुपया वापस कराया।
 

इस प्रकार करते धोखाधड़ी

 
जनता के जागरूक होने के बाद साइबर ठगों के अपराध करने का तरीका भी बदल गया है। ठगों द्वारा पहले पीड़ित को फोन कर उसका बैंक में खाते के दस्तावेज या पेंशन समेत अन्य दस्तावेज अपडेट न होने की बात कही जाती है। इसके बाद उन्हें घर बैठे दस्तावेज अपडेट करने की सलाह दी जाती है। खाताधारक के दस्तावेज अपलोड करने के लिए एनीडेस्क, क्विक सपोर्ट, टीम व्यूवर जैसे एप दिए जाते है। मोबाइल में एप इंस्टाल करने के बाद स्क्रीन शेयरिंग कोड दिया जाता है, जिससे खाताधारक की स्क्रीन शेयर हो जाती है। स्क्रीन शेयर होने के बाद फोन पर मौजूद शख्स खाताधारक की पूरी बैंक डिटेल देख सकता है। इसके बाद वह खाताधारक से दस रुपये की मामूली रकम ट्रांर्सफर करवाता है। रकम ट्रांर्सफर करते ही साइबर ठग एक बार में लाखों रूपये खाते से पार कर देता है।
 

फर्जी एप व वेबसाइटों के झांसे में आने से बचें

 
साइबर क्राइम इंस्पेक्टर हरमीत सिंह ने बताया कि जनता के जागरुक होने के बाद साइबर ठग धोखाधड़ी के नए-नए तरीकें से लोगों को शिकार बना रहे है। किसी भी तरह के वेबसाइट व कंपनी में निवेश करने से पहले जांच पड़ताल कर ले। ठगी का शिकार होने पर त्वरित जानकारी होने पर कई पीड़ितों की रकम वापस कराई गई है।

 

 

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