बच्चों तक ओटीटी के माध्यम से आसानी से पहुंच रही अश्लील सामग्री :संजय सेठ

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Edited By Amrit Vichar
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रांची। केन्द्रीय सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की संसदीय समिति की बैठक नई दिल्ली में संपन्न हुई। इस बैठक में रांची के सांसद संजय सेठ मौजूद रहे। बैठक में आज मुख्य रूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म पर चर्चा हुई, जिसमें ओटीटी प्लेटफॉर्म पर परोसी जा रही सामग्री सहित कई बिंदुओं पर सदस्यों से सुझाव लिए गए।

इसके साथ ही मंत्रालय के द्वारा इसके सुधार की दिशा में की गई कार्रवाई से भी सभी सदस्यों को अवगत कराया गया। बैठक में सांसद श्री सेठ ने कहा कि ओटीटी में भारतीय मूल्यों को नीचे दिखाने के प्रवृति बढ़ रही है। साम्प्रदायिकता को बढ़ा चढ़ाकर दिखाकर समाज को गलत दिशा में भटकाया जा रहा है। बच्चों के हाथ में ओटीटी बहुत ही आसानी से पहुंच जा रहा है। इसे रोकने के कोई ठोस उपाय नहीं है।

इसपर रोका लगाना अतिआवश्यक है। चेतावनी होने के बावजूद बच्चे वो हर कंटेंट का उपभोग कर पा रहे हैं, जो उन्हें नहीं करना चाहिए। पाश्चात्य विचारों से जुड़ी सामग्री और उधर के ही मुद्दे पर बनी फिल्म को खूब धड़ल्ले से दिखाया जा रहा है। इससे पाश्चात्य विचारों की भारतीय विचारों के साथ के साथ मिलावट हो जा रही है। इसका लोगों के मन पर गलत और गहरा प्रभाव पड़ रहा है।

यह हमारे पारिवारिक सामाजिक ढांचे के लिए बिल्कुल असह्य है। सांसद ने कहा कि ओटीटी प्लेटफार्म का कोई सेंसरशिप नहीं है। जिससे गाली, अप्राकृतिक यौनाचार आदि का बढ़ावा दिया जा रहा है और यह किसी के लिए भी गलत है। उसको लेकर सरकार को सोचना चाहिए और समसामयिक दृष्टि का विचार करते हुए अपने संस्कृति का ध्यान रखकर विद्वतजनों, कलाकारों आदि की राय लेकर कड़े कानून बनने चाहिए। श्री सेठ ने कहा कि ओटीटी पर प्रोपोगंडा वाले कंटेंट का विश्लेषण करने के बाद ही रिलीज़ की अनुमति देनी चाहिए, ताकि इससे समाज में संतुलन बना रहे। 

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