रामपुर की टोपी पहुंची सात समंदर पार, मिला विश्व स्तरीय बाजार

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Published By Priya
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एक जनपद एक उत्पाद : गंगा कोसी प्रोडक्ट पोर्टल से मिला अमेजान और फिलिप कार्ट की तर्ज पर कारोबार, ईद पर टोपी की बिक्री में आया उछाल, देश-दुनिया में रामपुरी टोपी का हो रहा निर्यात, स्थानीय उत्पाद को ऑनलाइन बाजार मिलने से कारोबारियों में है खुशी का माहौल

रामपुर, अमृत विचार। रामपुर की टोपी को विश्व स्तरीय बाजार मिल गया है अब रामपुरी टोपी सात समंदर पार तक पहुंचकर लोगों के सिर की शोभा बढ़ा रही है। मंडलायुक्त आन्जनेय कुमार सिंह ने गंगा कोसी प्रोडक्ट पोर्टल तैयार कराया था, जिसके माध्यम से अमेजान और फिलिपकार्ट की तर्ज पर ऑनलाइन कारोबार हो रहा है। ईद पर टोपी कारोबार में खासा उछाल आया है देश-दुनिया में ऑन लाइन आर्डर मिलने पर टोपी का निर्यात हो रहा है। 

 रामपुर में टोपी बनाने के लिए पुश्तैनी कारीगर हैं लेकिन, इनके द्वारा तैयार किए गए माल के लिए बाजार नहीं था। इसके लिए मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने गंगा कोसी प्रोडक्ट पोर्टल तैयार कराया है। जिसमें हर कारोबारी का नाम मोबाइल नंबर, मेल आईडी और उसके प्रोडक्ट की 360 डिग्री फोटो अपलोड कराई गई हैं। जिसके कारण दुनिया भर में ग्राहकों की संख्या बढ़ी और दूसरे देशों के आर्डर मिलने लगे। 

टोपी कारोबार से जुड़े लोग ज्यादा पढ़े लिखे नहीं हैं । इसलिए इनके लिए जिला स्तर पर भी चुनाव के बाद खुला बाजार लगवाया जाएगा। ताकि, कारोबारी आनलाइन कारोबार के अलावा खुले बाजार में भी अपने माल को बेच सके। कारोबार बढ़ने से कारीगरों के साथ ही निर्यात करने वाले भी खुश हैं।

रामपुर के हर ब्लॉक के बाजार में सप्ताह में दो दिन लगेंगे स्टॉल
उपायुक्त उद्योग मुकेश कुमार ने बताया कि जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ ने रामपुर के हर ब्लॉक में सप्ताह के दो दिन टोपी कारोबारियों के खुले बाजार में अपना माल बेचने के लिए खाका तैयार कराया है। उन्होंने बताया कि चुनाव के बाद इसको अमली जामा पहनाया जाएगा। इससे टोपी कारोबारियों को अच्छा कारोबार मिलेगा और अच्छा मुनाफा भी होगा। 
 
रामपुर में तैयार हो रही अफगानी और इंडोनेशियन टोपी
रामपुर की परंपरागत टोपी के अलावा इंडोनेशियन, अफगानी, मुंबइया और शिमला टोपी भी ग्राहकों को लुभा रहा है। टोपी कारोबारी बताते हैं कि रामपुरी ऊंची बाड़ की टोपी मखमल से बनती है यह काले रंग में बहुत पसंद की जाती है। हालांकि, यह महरून, मेहंदिया व स्लेटी रंग में भी मिलती है। इसके अलावा कराकुरी खाल की टोपी भी बहुत पसंद की जाती है इसकी कीमत कुछ ज्यादा होती है इसलिए इसको खास लोग ही खरीद पाते हैं। इसके अलावा तमाम तरह की टोपियां रामपुर में तैयार कराई जा रही हैं। 

 इस बार ईद पर बहुत अच्छा कारोबार हुआ है। कारोबारियों को दूर-दराज से आन लाइन आर्डर मिले हैं। गुजरात और महाराष्ट्र के अलावा पूर्वोत्तर राज्यों से टोपी के काफी आर्डर मिले हैं।- जुनैद अहमद

टोपी का कारोबार ईद और होली पर तेजी पकड़ता है। इसके अलावा लोग जरूरत के मुताबिक या फिर उपहार स्वरूप किसी को देने के लिए खरीदते हैं। दो साल से कारोबार कोरोना के चलते बिल्कुल चौपट ही हो गया था। लेकिन, इस ईद पर अच्छा कारोबार हुआ है।- मोहम्मद अर्शी

रामपुरी टोपी की मांग भी ईद को लेकर बढ़ी है। रामपुरी टोपी में मखमल का काम ज्यादा होता है यह दूर से ही काफी चमकदार होती है। यह कई रंगों और डिजाइन में बाजार में उपलब्ध है। रामपुरी  टोपी हमेशा से लोगों को लुभाती रही है। इसे साफ करना भी काफी आसान होता है। - जुबैर अहमद

पोर्टल के माध्यम से देश दुनिया से आर्डर बुक किए जा रहे हैं। इससे कारोबार को काफी बढ़ावा मिला है और कारीगरों के हाथों को काम मिला है। अफगानी और इंडोनेशियन टोपी भी रामपुर में बन रही है।- मोहम्मद शारिक 

रामपुर टोपी कारोबार को गंगा कोसी प्रोडक्ट पोर्टल से बड़ा लाभ मिला है टोपी कारोबारियों को विश्व के कोने से आर्डर मिलने लगे हैं। अमेजान और फिलिप कार्ड की तर्ज पर कारोबार को बड़ा प्लेटफार्म मिल गया है। जिला स्तर पर भी सप्ताह में दो दिन खुला बाजार लगवाया जाएगा। मुकेश कुमार, उपायुक्त उद्योग

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