नगर निकाय चुनाव: रातोंरात बदले कई टिकट, भाजपा में घमासान
बरेली, अमृत विचार। भाजपा में भी पार्षदों के कई टिकट रातोंरात बदल दिए जाने पर घमासान शुरू हो गया है। भाजपा और संघ के समर्पित कार्यकर्ता और वार्ड आठ के तीन बार पार्षद रहे तिलकराज डुसेजा की बहू का टिकट काटकर बाहरी प्रत्याशी को दे दिए जाने का मामला सबसे ज्यादा चर्चा में है। इसके साथ भाजपा में पैसे और पहुंच के दम पर टिकट बांटने के आरोप फिर उछलने शुरू हो गए हैं। सोशल मीडिया पर ''बाहरी प्रत्याशी स्वीकार नहीं'' अभियान भी शुरू हो गया है। कहा जा रहा है कि मनमानी इस कदर की गई है कि टिकट बदलने की जानकारी सांसद और शहर विधायक तक को नहीं दी गई।
भाजपा में टिकट बंटवारे पर कार्यकर्ताओं की ओर से ही जबर्दस्त विरोध शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि पांच वार्डों के टिकट रातोंरात बदल दिए गए हैं। इनमें आईवीआरआई वार्ड 26, सुरेशशर्मा नगर वार्ड 65 और मॉडल टाउन वार्ड आठ भी शामिल हैं। आईवीआरआई और सुरेश शर्मा नगर वार्ड में सपा के पार्षद रहे हैं। यह वार्ड सपा से छीनने के लिए पहले से तय नाम में बदलाव करने की बात कही गई है लेकिन यह अलग बात है कि इस बदलाव की जानकारी शहर विधायक एवं वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार तक को नहीं दी गई जबकि ये वार्ड उन्हीं की विधानसभा क्षेत्र में आते हैं। सांसद संतोष गंगवार भी इससे नावाकिफ बताए जा रहे हैं। वार्ड आठ में बदलाव को पैसा और पहुंच के दम पर कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ने का कुचक्र तक बताया जा रहा है।
दरअसल, वार्ड आठ के पार्षद रहे तिलक राज डुसेजा 1954 से मॉडल टाउन में रह रहे हैं। वे संघ और भाजपा के पुराने कार्यकर्ता है। वार्ड आठ में मॉडल टाउन, एकता नगर, डीडीपुरम क्षेत्र आता है। यहां से वह तीन बार पार्षद रहे। पिछली बार वार्ड एससी के लिए आरक्षित हुआ, तब भी उन्होंने पार्टी प्रत्याशी को जिताने में जीजान लगा दी। अब महिला सीट होने पर अपनी बहू चेतना डुसेजा के लिए टिकट मांगा था। सूची में उनका नाम भी था। कहा जा रहा है कि महानगर अध्यक्ष डॉ. केएम अरोरा ने तिलकराज डुसेजा को उनकी बहू का टिकट फाइनल होने का भरोसा दिलाया था। वह तैयारी में भी जुटे थे लेकिन पिछली रात उन्हें पता चला कि बाहरी व्यक्ति को टिकट दिया जा रहा है। तभी से बवाल होना शुरू हो गया।
विरोध शांत करने पहुंचे मंत्री, विधायक और महानगर अध्यक्ष, आज संतोष भी आएंगे
तिलकराज डुसेजा ने बताया कि सांसद और वन मंत्री को भी उनका टिकट काटने का पता नहीं है। बाहरी व्यक्ति को टिकट देने की तैयारी है। इस वार्ड को उन्होंने सींचा है और विकसित कराया है। उनकी बनवाई एकतानगर की सड़कें 15 साल बाद भी वैसी ही हैं। अब बाहरी को लाया जाना अच्छा नहीं लग रहा है। उन्होंने बताया कि सांसद संतोष गंगवार से बात हुई है, उन्होंने सुबह आकर मामला देखने की बात कही है। इससे पहले विरोध की सूचना पर मंत्री, विधायक और महानगर अध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे।
ये भी पढे़ं- बरेली: कैसे रुकेगा फर्जीवाड़ा जब छात्रों की प्रोफाइल ही नहीं तैयार कर रहे निजी स्कूल
