Dehradun News: नहीं थम रहा Cyber Crime का ग्राफ, Paytm से ठगी करने वाले इंटरस्टेट गैंग के तीन सदस्य गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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देहरादून, अमृत विचार। रायपुर थाना पुलिस ने पेटीएम के माध्यम से ठगी करने वाले इंटरस्टेट गैंग का खुलासा किया है। गैंग के दिल्ली निवासी 3 जालसाज गिरफ्तार किए गए हैं, जो 1 माह में विभिन्न राज्यों में करीब 6.50 लाख रुपये की ठगी की 8 घटनाओं को अंजाम दे चुके थे। इनके कब्जे से 9 मोबाइल फोन, 3 सिम कार्ड, 27 पेटीएम कार्ड, 60 पेटीएम स्कैनर पेज, निजी कंपनी के 81 कार्ड, स्कूटी बरामद की गई है। इन अभियुक्तों के तीन बैक खाते सीज कराए गए हैं।

डीआईजी/एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि 12 अप्रैल को देव पाल सजवान निवासी रायपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्तियों ने पेटीएम स्कैनर ठीक कराने के नाम पर उनके मोबाइल का पेटीएम एप हैक कर उनके खाते से 1.40 लाख रुपये की ठगी कर ली। इस मामले में पुलिस टीम ने गौरव पुत्र रामानंद और हिमांशु पुत्र तेजपाल निवासी हर्ष विहार के अलावा सुशील कुमार पुत्र कालूराम निवासी भजनपुरा दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया। 

आरोपियों ने पूछताछ मे बताया कि हम तीनों आपस में दोस्त हैं। तीनों एक मार्केटिंग कम्पनी में काम करते थे। सैलरी बहुत कम होने के चलते हमने कंपनी की नौकरी छोड़कर अधिक पैसे कमाने के चक्कर में ऑनलाइन, दुकानों में पेटीएम स्कैनर लगाने का काम सीखा और अलग-अलग शहरों की दुकानों पर जाकर नया पेटीएम स्कैनर लगाने और पेटीएम ठीक करने के नाम पर दुकानदारो से ठगी करने लगे।

ऐसे करते थे ठगी

ठगों ने बताया कि वे दुकानदारों से उनका मोबाइल फोन लेकर उसका सिम निकालकर अपने मोबाइल में दुकानदार का सिम डालकर उक्त नम्बर से अपने मोबाइल फोन में पेटीएम रजिस्टर्ड कर लेते थे। दुकानदार की पेटीएम की प्रोफाइल सेंटिग में जाकर मैनेज नोटिफिकेशन पर जाकर सभी नोटिफिकेशन का अलर्ट बंद कर देते थे, जिसके बाद दुकानदार के सिम को चेंज कर देते थे, जिससे उनके मोबाइल फोन पर दुकानदार के सिम से रजिस्टर्ड पेटीएम 48 घंटे तक चलता रहता था, जिससे वे कहीं भी ट्रांजेक्शन कर देते थे। दुकानदार को उसका पता बाद में चलता था। इस तरह वे अभी तक देहरादून में दो जगह, रुड़की-हरिद्वार में एक जगह, दिल्ली में 3 जगह व गाजियाबाद में 2 जगह इसी तरह से 6.50 लाख रुपये की ठगी कर चुके थे।

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