Rampur: यूपी वेस्ट में HC बेंच की मांग...अधिवक्ताओं ने बाजार कराया बंद

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Edited By Amrit Vichar
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रामपुर, अमृत विचार। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बुधवार को जिले भर के अधिवक्ता सड़कों पर आ गए। अधिवक्ता लाउडस्पीकर के साथ कचहरी परिसर से होते हुए सिविल लाइंस से होते हुए रोडवेज, रेलवे स्टेशन होते हुए शाहबाद गेट पहुंचे। जहां अधिवक्ताओं ने बाजारों में दुकानें बंद कराई, उसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। आंदोलन को मजबूत करने के लिए अधिवक्ताओं को बसपा, राष्ट्रीय लोकदल, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, भाकियू टिकैत, भाकियू भानु, भाकियू अराजनैतिक और व्यापार संगठनों का का पूर्ण समर्थन मिला।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना को लेकर कई 1982 से अधिवक्ताओं की लड़ाई जारी है। रामपुर शहर से लेकर स्वार, टांडा, शाहबाद, बिलासपुर, मिलक तहसील परिसर में अधिवक्ता कार्य से विरत रहे और प्रदर्शन किया। रामपुर शहर में बुधवार को अधिवक्ता बार सभागार में एकत्रित हुए, उसके बाद बार अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू के नेतृत्व में सभी अधिवक्ता सड़कों पर आ गए। कचहरी परिसर से निकलते हुए आसपास दुकानों को बंद कर दिया। उसके बाद  जौहर अली रोड से होते हुए सिविल लाइंस से होते हुए रोडवेज, रेलवे स्टेशन से होते हुए राधा रोड पहुंचे। 

शाहबाद गेट से वापस कलेक्ट्रेट पहुंचे। फिर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने कहा कि प्रयागराज हाईकोर्ट पश्चिमी उप्र से 700 से 800 किमी की दूरी पर है। वाद कारियों को बहुत परेशानी होती है। इस समस्या का समाधान किया जाए। बुधवार को पश्चिम उत्तर प्रदेश के 20 से 25 जिलों में अधिवक्ताओं ने आंदोलन किया है। मेरठ में पूरे जिले में बंद का असर दिखा, तो वहीं पउप्र के कई जिलों में आंदोलन का असर दिखाई दिया। 

बार अध्यक्ष सतनाम सिंह मट्टू ने बताया कि उनको बसपा, राष्ट्रीय लोकदल, उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, भारतीय किसान यूनियन भानु व भाकियू अराजनैतिक, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल का पूर्ण समर्थन मिला। सभी ने अलग अलग ज्ञापन देकर हाईकोर्ट बेंच की लड़ाई को मजबूत किया। इस दौरान जाहिद अली, ठाकुर कौशलेंद्र सिंह, रिजवान अली, राहुल गुप्ता, रोहित कुमार, अरविंद सैनी, नील कमल राजपूत, ठाकुर पृथ्वीभान सिंह, राजेंद्र लोधी, राम सिंह लोधी, जाहिद अली, जमीर रिजवी,सुधीर शर्मा, मुख्तार अहमद, जितेंद्र प्रधान, विनय कुमार शर्मा, परम सिंह आर्य, खालिदा, सुभाष पटेल, शिव नरेश तोमर मौजूद रहे।

कड़ाके की सर्दी में जुटे रहे अधिवक्ता
कड़ाके की सर्दी के बाद भी अधिवक्ता अपनी मांगों को लेकर सक्रिय नजर आए। अधिवक्ताओं का दस बजे से ही कचहरी परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था। उसके बाद बार अध्यक्ष ने बार सभागार के सामने संबोधन करके सभी अधिवक्ताओं को चेंबर छोड़कर आने की अपील की। सड़क पर चारों ओर अधिवक्ता ही अधिवक्ता नजर आ रहे थे। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस बल भी तैनात रहा।

43 सालों से पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की उठ रही मांग
सीनियर अधिवक्ता व पूर्व बार अध्यक्ष श्यामलाल एडवोकेट ने बताया कि 1982 से पउप्र में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर लड़ाई चल रही है। जो हर वर्ग को राहत देने के लिए एक ठोस कदम होगा। 43 सालों से एक अच्छी मांग को सरकार को मानना चाहिए। क्योंकि लखनऊ हाईकोर्ट बीच में छूट जाता है, उसके बाद हमें प्रयागराज हाईकोर्ट जाना पड़ता है। जबकि मात्र एक ही ट्रेन वहां तक के लिए चलती है। सहारनपुर, मेरठ, मुरादाबाद सहित पउप्र की जनता को न्याय पाने के लिए धक्के खाने पड़ते हैं। सरकार को ये मसला हल करना चाहिए।

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